इस बात से लड़की काफी गुस्सा हो गई और उसने एकदम से रजा मुराद की नाक पर काट लिया और…
लता मंगेशकर मदन मोहन को ‘गजलों का शहजादा’ कह कर बुलाती थीं।
राजेश खन्ना को यह रोल इतना पसंद आ गया था कि उन्होंने ऋषिकेश मुखर्जी की सभी शर्ते मानकर फिल्म का…
जितेंद्र कैमरे के सामने पहुंचते ही काफी नर्वस हो गए और उन्हें एक शब्द के लिए 25 रीटेक लेने पड़े…
विजयदान देथा राजस्थान के प्रसिद्ध लेखक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति थे।
…और वहीदा रहमान के लिए पत्थर बरसा रही स्टूडेंट्स की भीड़ से लड़ने निकल पड़े थे राज कपूर।
इसके बाद डायरेक्टर लॉरेंस डिसूजा ज्यादा दिन तक शूटिंग को टाल नहीं पाए और फिल्म में माधुरी दीक्षित को मौका…
फिल्में फ्लॉप होने की वजह से जया के शुभचिंतक उन्हें अमिताभ बच्चन से दूरी बनाने की सलाह देने लगे थे।
जब 40 दिन बाद संजीव कुमार के.आसिफ के सामने पहुंचे तो उनका वजन 22 किलोग्राम तक घट गया था।
इसके बाद वहीदा रहमान को 7-8 दिन पहले आई एक चिट्ठी याद आई।
इसके बाद सूरज ने दादा की दोस्ती वाली थीम को पीछे छोड़कर पिता की यूथ थीम की बात मान ली…
28 दिसंबर 1970 को अमिताभ बच्चन का कोई शूट नहीं था। वह सुबह उठे और तैयार होकर राजेश खन्ना के…