Indian Railways: केंद्रीय कैबिनेट ने नई दिल्ली-मुंबई और नई दिल्ली-हावड़ा रूट्स पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 13 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च निर्धारित किया गया है। ‘मिशन रफ्तार’ प्रोजेक्ट के तहत इन लंबे रूट्स पर 12 घंटों में सफर पूरा हो सकेगा। दोनों रूट्स पर करीब 6,806 करोड़ और 6,685 करोड़ रुपए का खर्च निर्धारित किया गया है। अगर यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है तो यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर गति, सेवा, सुरक्षा मिलेगी।
‘मिशन रफ्तार’ की घोषणा 2016-17 रेलवे बजट में की गई थी जिसमें ट्रेनों की औसतन गति को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें गैर उपनगरीय पैसेंजर ट्रेनों की औसत गति 25 प्रति किलोमीटर बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मालूम हो कि 1,483 किलो मीटर लंबी ‘दिल्ली मुंबई’ ट्रेन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत सात राज्यों से होकर गुजरेगी। इससे दिल्ली-मुंबई के बीच यात्रा करने पर पैसेंजरों के करीब 3.5 घंटे बचेंगे।
सरकार द्वारा नई दिल्ली – मुंबई के बीच रेल मार्ग पर गति बढ़ाने की अनुमति से उत्तर और पश्चिम भारत का बड़ा क्षेत्र लाभान्वित होगा। pic.twitter.com/XPoz9uukhE
— Western Railway (@WesternRly) August 8, 2019
वहीं दिल्ली-हावड़ा रूट पर चलने वाली ट्रेन पांच राज्यों- दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगी। इससे नई दिल्ली और हावड़ा के बीच यात्रियों का पांच घंटे का समय बचेगा। केंद्र सरकार का दावा है कि इस पूरे प्रोजेक्ट के जरिए करीब 7 करोड़ मानवदिवस के बराबर प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा। यह प्रोजेक्ट चार साल में पूरो होगा। रेलवे के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के जरिए 29 प्रतिशत पैसेंजर ट्रैफिक और 20 प्रतिशत माल ढुलाई ट्रैफिक दोनों रूटों को गति मिलेगी।
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बता दें कि दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली- मुंबई रूट देश के व्यस्ततम रेल रूट में शामिल हैं, जिसके जरिए 30 फीसदी यात्री और 20 फीसदी माल भेजा जाता है। इसके अलावा सरकार ने 3,439 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ वैभववाड़ी-कोल्हापुर (अब श्री छत्रपति शाहुमहाराज टर्मिनल) (108 किमी) के बीच एक नई लाइन बनाने के रेल मंत्रालय के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

