आरक्षण राजस्थान में गुर्जरों का आरक्षण के लिए आंदोलन रविवार (10 फरवरी) को तीसरे दिन भी जारी है। गुर्जर नेता दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर पटरियों पर बैठे हैं जिससे कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया गया हैं या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए पश्चिमी रेलवे द्वारा विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। एएनआई के अनुसार, पश्चिम रेलवे ने एक बयान जारी कर कहा, “पश्चिम मध्य रेलवे के सवाई माधोपुर-बयाना के बीच गुर्जर आंदोलन की वजह से स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। पश्चिम रेलवे बांद्रा टर्मिनल से सवाई माधोपुर के लिए 10 फरवरी, 11 फरवरी, 12 फरवरी, 13 फरवरी और 14 फरवरी को 20.15 बजे स्पेशल ट्रेन चलाएगी। सवाई माधोपुर स्टेशन से 10, 11, 12, 13 और 14 फरवरी को 13.45 बजे बांद्रा के लिए ट्रेन खुलेगी।
आंदोलन की वजह से पश्चिम मध्य रेलवे ने पिछले दो दिनों में करीब 200 सवारी और एक्सप्रेस रेल गाडियों को रद्द/ आंशिक रूप से रद्द/ मार्ग परिवर्तन किया है। आंदोलनकारियों ने जयपुर-दिल्ली, जोधपुर-भीलवाडा और अजमेर-भीलवाडा राजमार्ग को अवरूद्व किया है। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अभय शर्मा ने बताया कि गुर्जर आरक्षण आंदोलनकारियों के सवाईमाधोपुर रेल खंड पर पटरियों पर बैठने के कारण शनिवार को दूसरे दिन ट्रेन संख्या 12918 हजरत निजामुद्दीन-अहमदाबाद, ट्रेन संख्या 12963 हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर, ट्रेन संख्या 12964 उदयपुर-निजामुद्दीन को रद्द किया गया है। वहीं ट्रेन संख्या 19024 फिरोजपुर केंट-मुंबई सेंट्रल को रेवाडी-फुलेरा,चंदेरिया-रतलाम मार्ग की जगह आगरा कैंट-झांसी-बीना जंक्शन मार्ग होकर निकाला गया।
गुर्जर नेता पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार की शाम को सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में रेल पटरी पर बैठ गए थे। आंदोलनकारियों और सरकारी प्रतिनिधिमंडल में शनिवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही। राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के सदस्य पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी नीरज के पवन ने शनिवार को गुर्जर नेता किरोडी सिंह बैंसला से बातचीत की लेकिन बैंसला अपनी मांग पर अडे रहे।
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उल्लेखनीय है कि गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया, लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जरों को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण अलग से मिल रहा है। (भाषा इनपुट के साथ)

