दिल्ली मेट्रो रोजाना लाखों लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती है, लेकिन इसके साथ जुड़े छोटे-छोटे नियम अक्सर यात्रियों के लिए बड़ी उलझन बन जाते हैं। खासकर सामान ले जाने की तय सीमा – जो सही जानकारी न होने पर चलते-फिरते जुर्माने में बदल सकती है। अगर आप भी रोजाना मेट्रो पकड़ते हैं, तो एक बार ये नियम समझ लेना जरूरी है, क्योंकि कई चीजें ऐसी हैं जिन्हें लेकर आप मेट्रो में दाखिल ही नहीं हो सकते।
दिल्ली-एनसीआर में रोजमर्रा की यात्रा का सबसे भरोसेमंद साधन मेट्रो है। डीएमआरसी के संचालन में चल रही यह विशाल नेटवर्क प्रणाली प्रतिदिन लाखों यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाती है। लेकिन सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मेट्रो में सामान ले जाने को लेकर कुछ सख्त नियम हैं, जिनकी जानकारी हर यात्री को होनी चाहिए।
सबसे पहले वजन की बात। मेट्रो में किसी भी यात्री को अधिकतम 25 किलोग्राम वजन का सामान ले जाने की अनुमति है। नियम का पालन न होने पर सुरक्षा जांच के दौरान रोक लग सकती है या जुर्माना भी लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि कुछ साल पहले तक यह सीमा केवल 15 किलोग्राम थी, जिसे बाद में बढ़ाकर वर्तमान सीमा तय की गई।
सामान का आकार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। डीएमआरसी के अनुसार सिर्फ वही बैग मेट्रो में ले जाए जा सकते हैं जिनका साइज 80 सेमी × 50 सेमी × 30 सेमी की सीमा में हो। इससे बड़े आकार के बैग या ट्रंक, बंडल किए हुए पैकेट, बड़े डिब्बे या फर्नीचर जैसे सामान पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
इसके अलावा कई वस्तुएं ऐसी हैं जिनके साथ मेट्रो परिसर में प्रवेश ही संभव नहीं। मेट्रो में साइकिल, किसी भी तरह के हथियार – जैसे रिवॉल्वर, पिस्तौल, राइफल, कारतूस – पूरी तरह वर्जित हैं। ज्वलनशील पदार्थ, गीली बैटरियां और किसी भी प्रकार के पालतू जानवर भी मेट्रो में नहीं ले जाए जा सकते।
चूंकि हर स्टेशन पर सुरक्षा जांच अनिवार्य है, इसलिए इन नियमों को ध्यान में रखना न सिर्फ आपकी सुविधा के लिए बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है। सही जानकारी रखने से आप यात्रा के दौरान होने वाली अनावश्यक परेशानी से बच सकते हैं।
