आधार कार्ड एक बेहद ही महत्वपूर्ण दस्तावेज में से एक है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा जारी होने वाले आधार कार्ड में एक यूजर की डेमोग्राफिक और बॉयोमेट्रिक जानकारियां दर्ज होती हैं।
आधार कार्ड का इस्तेमाल कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया जाता है। इनके अलावा ऐसे और भी कई काम हैं जिनके लिए आधार की मांग की जाती है।
अक्सर लोगों के मन में आधार को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। ऐसा ही एक सवाल यह है कि क्या आधार कार्ड न होने पर किसी गरीब को पेंशन और राशन जैसी जरूरी सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है?
यूआईडीएआई के मुताबिक अगर किसी के पास आधार कार्ड नहीं है तो उसे शन और राशन जैसी जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसी परिस्थिति में आधार के बदले अन्य सरकारी दस्तावेजों के जरिए उसकी पहचान का सत्यापन किया जा सकता है। अगर किसी विभाग में आपको आधार की कमी की वजह से किसी सेवा से वंचित किया जाए तो आप इसकी शिकायत यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया से कर सकते हैं।
वहीं कई लोग आधार कार्ड में दर्ज जानकारियों को लेकर असुरक्षा का भाव रखते हैं। ऐस में बता दें कि यूआईडीएआई के पास आपके जाति, धर्म, शिक्षा, परिवार, बैंक अकाउंट, शेयर म्युचुअल फंड, प्रॉपर्टी और हेल्थ से जुड़ा कोई डाटा नहीं होता। यूआईडीएआई के पास आपके नाम, एड्रेस, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ, आपके हाथ की 10 उंगलियों की छाप, आइरिस स्कैन, चेहरे की फोटो, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी (यदि आपने दी है तो) शामिल हैं।
