Aadhaar, Unique Identification Authority of India: आधार कार्ड बेहद ही महत्वपूर्ण दस्तावेज में से एक है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा जारी होने वाले आधार कार्ड में एक यूजर की डेमोग्राफिक और बॉयोमेट्रिक जानकारियां दर्ज होती हैं। आधार कार्ड में इतनी सारी निजी जानकारियां होने के वजह से अक्सर लोगों को इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता सताए रखती है।

ऐसा ही एक सवाल यह है कि क्या आधार कार्ड में दर्ज आपकी निजी जानकारियों का इस्तेमाल क्या आपकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है? यूआईडीएआई इसे पूरी तरह से गलत करार देता है। यूआईडीएआई के मुताबिक उकने डाटा बेस में मौजूद किसी भी आधारकार्डधारक की निजी जानकारियों का इस्तेमाल गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नहीं किया जा सकता।

यूआईडीएआई के पास आपके जाति, धर्म, शिक्षा, परिवार, बैंक अकाउंट, शेयर म्युचुअल फंड, प्रॉपर्टी और हेल्थ से जुड़ा कोई डाटा नहीं होता। ऐसे में आपकी निजी जानकारियों की किसी भी गतिविधियों पर नजर नहीं रखी जा सकती है।

यूआईडीएआई के मुताबिक आधार कार्ड यूजर की नाम, एड्रेस, डेट ऑफ बर्थ, लिंग, 10 उंगलियों के निशान, पुतलियों का स्कैन, चेहरे की तस्वीर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी आदि का डाटा ही यूआईडीएआई के पास होता है और इनके जरिए आपकी गतिविधियों पर नजर रखना संभव नहीं। आधार सुरक्षा को लेकर अगर आप भी चिंतित रहते हैं तो कार्ड को लॉक करवा सकते हैं। ऐसा करने पर अगर आपका आधार कार्ड चोरी या गुम हो जाए तो उसका गलत इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।