Kaithal Girl Pregnancy Viral Video: सोशल मीडिया पर हाल ही में एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि हरियाणा के कैथल जिले में एक 9 साल की लड़की ने बच्चे को जन्म दिया। वीडियो में एक मासूम बच्ची अस्पताल में नवजात को गोद में लिए लेटी हुई दिखती है, जबकि एक महिला पुलिस अधिकारी मामले की जानकारी देती सुनाई देती हैं। इस वीडियो ने लोगों में गुस्सा, चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया।
हालांकि, पुलिस जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत पाया गया है। वायरल वीडियो के साथ किए गए दावों में कहा गया कि
- कैथल जिले की 9 साल की बच्ची आठ महीने की गर्भवती थी।
- बच्ची के साथ उसके ही भाई ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
- परिवार ने आरोपी को बचाने की कोशिश की।
- बच्ची को समय पर इलाज और न्याय नहीं मिला।
इन दावों को सोशल मीडिया पर बिना किसी सत्यापन के बड़े पैमाने पर शेयर किया गया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। लड़की के वीडियो के साथ ही कैथल के सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गीता की भी एक वीडियो जोड़ा गया। हालांकि, यह वीडियो पुराना है। इंस्पेक्टर गीता शहर की एक यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में पहुंची हुई थीं, यह वीडियो तभी का है।
पुलिस के मुताबिक, यह वीडियो 5 मार्च 2025 का है और इसे कैथल स्थित NIILM यूनिवर्सिटी में आयोजित एक सेमिनार के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। यह सेमिनार कानून के छात्रों के लिए आयोजित किया गया था।
वीडियो में दिखाई दे रही महिला पुलिस अधिकारी, कैथल सिटी थाना प्रभारी गीता छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने एक केस का उदाहरण दिया था, जिसमें 9 साल की बच्ची के मां बनने की घटना का जिक्र था, लेकिन उस घटना का कैथल जिले से कोई संबंध नहीं था।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को संदर्भ से काटकर कैथल से जोड़ दिया गया, जो पूरी तरह गलत है। वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए कैथल पुलिस ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। डीएसपी ललित यादव ने एक वीडियो बयान में साफ कहा कि – यह वीडियो कैथल जिले से संबंधित नहीं है। सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक है। कैथल पुलिस इस तरह की अफवाहों की पुष्टि नहीं करती।”
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वीडियो वायरल करने वालों की तलाश की जा रही है।
कैथल की 9 साल की बच्ची के बच्चे को जन्म देने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। वीडियो को संदर्भ से अलग करके सोशल मीडिया पर फैलाया गया, जिससे अनावश्यक डर और भ्रम पैदा हुआ। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि संवेदनशील विषयों पर वायरल कंटेंट को बिना सत्यापन साझा करना खतरनाक हो सकता है। ऐसी खबरों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों और पुलिस के बयान को जरूर जांचना चाहिए।
