Andhra Woman Constable Viral Video: कभी-कभी असली हीरो वही होते हैं, जो बिना वर्दी और बिना आदेश के भी अपना फर्ज निभा जाते हैं। आंध्र प्रदेश से सामने आई महिला कॉन्स्टेबल जयशांति की कहानी कुछ ऐसी ही है, जिसने इंसानियत और कर्तव्य का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। ऑफ-ड्यूटी होने के बावजूद, गोद में मासूम बच्चा लिए उन्होंने व्यस्त सड़क पर ट्रैफिक हटाकर एक एंबुलेंस को रास्ता दिया और यह साबित कर दिया कि जान बचाना हर जल्दबाजी से बड़ा होता है।
घर जाने की जल्दी छोड़कर इंसानियत को चुना
घटना उस समय की है जब जयशांति ड्यूटी खत्म कर अपने बच्चे को गोद में लेकर घर जा रही थीं। सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। तभी उन्होंने देखा कि एक एंबुलेंस जाम में फंसी हुई है और मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। जयशांति चाहतीं तो आगे बढ़ सकती थीं, लेकिन उन्होंने घर जाने की जल्दी छोड़कर इंसानियत को चुना।
बिना किसी झिझक के जयशांति सड़क पर उतरीं। एक हाथ में बच्चा और दूसरे हाथ से ट्रैफिक को नियंत्रित करते हुए उन्होंने वाहन चालकों को हटाया और एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए हैरान कर देने वाला था। कई लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल में यह पल रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यहां देखें वायरल वीडियो –
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जयशांति की जमकर तारीफ हो रही है। यूजर्स लिख रहे हैं, “वर्दी हो या न हो, असली पुलिस ऐसे ही होती है”, तो किसी ने कहा, “मां भी और रक्षक भी”। कई लोगों ने इसे मानवता और कर्तव्य की जीत बताया।
महिला कॉनस्टेबल जयशांति की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि इंसानियत किसी ड्यूटी टाइम या यूनिफॉर्म की मोहताज नहीं होती। सही समय पर लिया गया एक फैसला किसी की जिंदगी बचा सकता है। वाकई, आंध्र प्रदेश की महिला कॉन्स्टेबल जयशांति ने यह साबित कर दिया कि जब दिल में जिम्मेदारी हो, तो हर आम इंसान भी हीरो बन सकता है।
