उत्तर प्रदेश में गुरुवार को ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए हुए हैं नामांकन के दौरान जमकर बवाल हुआ। सपा व भाजपा समर्थकों के बीच झड़प की खबरें सामने आई। कई जिलों में बीजेपी के समर्थक विरोधी उम्मीदवार के प्रस्ताव को पुलिस के सामने ही खींच कर बाहर ले जाते दिखे, कहीं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन में प्रस्ताव महिला के कपड़े तक विरोधी खींचते दिखे। नामांकन के दौरान हुई इस घटना पर लोग सोशल मीडिया पर जमकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र राजपूत ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि कल सरकारी संरक्षण में जितनी हिंसा उत्तर प्रदेश में हुई अगर बंगाल में हुई होती तो अब तक राष्ट्रपति शासन लग जाता। स्वतंत्र पत्रकार रणविजय सिंह ने इस घटना पर तंज कसते हुए लिखा कि, ‘ कमाल है…. बंगाल की हिंसा ‘हिंसा’, यूपी की हिंसा ‘मास्टर स्ट्रोक’। पत्रकार रोहिणी सिंह ने मीडिया पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि बंगाल में हिंसा हो रही थी, उत्तर प्रदेश में जो आज हो रहा है वह कीर्तन है।
कांग्रेस युवा कमेटी के अध्यक्ष श्रीनिवास ने भी इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘बंगाल में चुनाव के बाद जो हुआ वो ‘हिंसा’ थी, लेकिन उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतने के लिए जो भाजपाई कर रहे हैं वह ‘हर हर मोदी’ का भजन कीर्तन है?
कल सरकारी संरक्षण में जितनी हिंसा उत्तर प्रदेश में हुई अगर बंगाल में हुई होती तो अब तक राष्ट्रपति शासन लग जाता!
— सुरेंद्र राजपूत Surendra Rajput سریندر راجپوت (@ssrajputINC) July 9, 2021
लेखक अशोक कुमार पांडे ने लिखा कि आज तक और एबीपी न्यूज़ जैसे चैनल अपने पत्रकार के पीटे जाने पर खबर नहीं चला पा रहे हैं तो आपके दुख दर्द पर क्या बोलेंगे? इनकी मजबूरी समझिए। यह उस बात की तरह है जो मालिक की दलाली में अपने बच्चे का भी ख्याल नहीं रख पाता।
कमाल है… बंगाल की हिंसा ‘हिंसा’, यूपी की हिंसा ‘मास्टरस्ट्रोक’
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) July 8, 2021
इस घटना पर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कल पूरे उत्तर प्रदेश में हिंसा का विकराल रूप दिखा, अभी तक भक्तों ने ममता दीदी से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा?
कल पूरे उत्तरप्रदेश में हिंसा का विकराल रूप दिखा, अभी तक भक्तों ने ममता दीदी से इस्तीफ़ा क्यूँ नहीं माँगा?
— Surya Pratap Singh IAS Rtd. (@suryapsingh_IAS) July 9, 2021
उन्होंने दूसरे ट्वीट के जरिए मीडिया पर सवाल उठाते हुए लिखा कि आज तक न्यूज़ चैनलों में सशक्त महिलाओं की भरमार है, पर मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि एक महिला की साड़ी तक खींच दी गई और मीडिया जगत की महिलाओं तक में योगी आदित्यनाथ से एक सवाल तक नहीं पूछा। आखिर क्या मिल जाएगा आपको अपना आत्मसम्मान तक गंवा कर?
