Arnab Goswami Republic TV: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में न्यायिक हिरासत में चल रहे रिपब्लिक टीवी के हेड अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। 4 नवंबर को मुंबई पुलिस ने अर्नब को उनके घर से गिरफ्तार किया था। अर्नब बुधवार शाम तलोजा जेल के बाहर आए औऱ सीधे अपने स्टूडियो पहुंचे।

अर्नब गोस्वामी ने स्टूडियो पहुंचते ही उद्धव ठाकरे को ललकारते हुए कहा कि खेल तो अब शुरू हुआ है। अर्नब ने कहा- उद्धव ठाकरे आपने मुझे एक पुराने, फर्जी मामले में गिरफ्तार किया, और मुझसे माफी तक नहीं मांगी। खेल अब शुरू हुआ है। मैं हर भाषा में रिपब्लिक टीवी शुरू करूंगा और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराऊंगा। आने वाले चंद महीनों में अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो अपना नाम बदल लूंगा।

फिर से गिरफ्तार होने की आशंका व्यक्त करते हुए अर्नब गोस्वामी ने कहा- मैं तो जेल के अंदर से भी (चैनल) लॉन्च कर दूंगा और आप (ठाकरे) कुछ नहीं कर पाएंगे। क्योंकि मेरे साथ देश की जनता है और आप अपना देख लो क्योंकि आप तो अकेले हो।

अपनी बात रखते हुए अर्नब मराठी बोलने लगे। उन्होंने मराठी में कहा कि मुझे बेल देने के लिए मैं सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं। सत्य की जीत हुई। जय महाराष्ट्रा। मराठी बोलने में अर्नब अपनी सहयोगी का सहारा लेते भी नजर आए।

 

इससे पहले न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि अर्नब और दो अन्य आरोपियों को 50 हजार रुपये के मुचलके पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा पत्रकार अर्नब गोस्वामी के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह से किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आजादी पर बंदिश लगाया जाना न्याय का मखौल होगा।

न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि अगर राज्य सरकारें लोगों को निशाना बनाती हैं तो उन्हें इस बात का अहसास होना चाहिए कि नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय है। शीर्ष अदालत ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि राज्य सरकारें कुछ लोगों को विचारधारा और मत भिन्नता के आधार पर निशाना बना रही हैं।