रवीश कुमार देश के जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें एशिया का नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले रैमॉन मैग्सेसे सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। रवीश कुमार आए दिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते रहते हैं। इन दिनों कोरोना को लेकर जिस तरह से पूरे देश में त्राहिमाम मचा हुआ है उसे लेकर भी रवीश केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अख्तियार किये हुए हैं।
देश में रोजाना करीब तीन लाख कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। आलम ये है कि अस्पतालों से लेकर श्मशानों तक में लंबी कतार देखने को मिल रही है। लोग ऑक्सीजन और जरूरी दवाइयों के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की जा रही दवाइयों की कालाबाजारी भी खूब हो रही है। हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में रवीश कुमार ने इन हालातों पर टिप्पणी की थी।
पूरा मामला दिल्ली के एसआरसीसी कॉलेज के एक कार्यक्रम का है। इस कार्यक्रम में रवीश कुमार और भक्त बनर्जी के नाम से चर्चित आकाश बनर्जी सोशल मीडिया के माध्यम से मौजूद थे। दोनों के बीच खूब हंसी मजाक हुआ।
कार्यक्रम में भक्त बनर्जी ने रवीश कुमार से कहा कि आप पारदर्शिता दिखाने के लिए ट्रांसपैरेंट चश्मा पहनते हैं। रवीश कुमार ने जवाब में कहा कि जिन्हें मेरी ट्रांसपैरेंसी देखनी है वो तो रेमडिसिविर की लाइन में लगे हुए हैं। दवा खरीदने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।
रवीश कुमार का जवाब सुन भक्त बनर्जी ने कहा कि आपको कोरोना की इतनी चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि आपको तो कोरोना हो ही नहीं सकता। जब रवीश कुमार ने उनसे पूछा कि क्यों..मुझे कोरोना क्यों नहीं हो सकता तो भक्त बनर्जी ने कहा- आप इतने नेगेटिव हो को आपका कोरोना पॉजिटिव हो ही नहीं सकता।
रवीश कुमार ने ये व्यंग्य सुन जोर से ठहाका लगाया औऱ कहा कि इतनी नेगेटेविटी के बीच भी हम जिंदा हैं, ये भी तो एक पॉजिटिविटी है। सोशल मीडिया पर रवीश कुमार और भक्त बनर्जी की इस बातचीत का पूरा वीडियो वायरल है।

