सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपना भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस देश में एक नई जमात का जन्म हुआ है, जिसका नाम है ‘आंदोलनजीवी’। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये लोग खुद आंदोलन नहीं चला सकते हैं, लेकिन किसी का आंदोलन चल रहा हो तो वहां पहुंच जाते हैं। ये आंदोलनजीवी ही परजीवी हैं, जो हर जगह मिलते हैं।
पीएम मोदी के इस आंदोलनजीवी वाले बयान पर सोशल मीडिया में काफी बहस हुई। कुछ लोगों को प्रधानमंत्री का तंज पसंद आया तो कुछ लोगों ने उनके इस कथन की निंदा भी की है। वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने पीएम मोदी के इस बयान को खराब और चिंताजनक बताया है। रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट लिखकर कहा है कि भाषणजीवी प्रधानमंत्री को आंदोलन में जाने वाले परजीवी नज़र आते हैं।
रवीश कुमार ने लिखा- राज्य सभा में प्रधानमंत्री का दिया भाषण ख़राब तो है ही उससे कहीं ज़्यादा चिन्ताजनक है। प्रधानमंत्री ने भाषण को संयमित स्वर में पेश कर विद्वता का आभा प्रदान करने की कोशिश की लेकिन जो विचार झलके हैं वो बेहद ख़तरनाक हैं। अगर देश के प्रधानमंत्री को आंदोलनों में जाने वाला परजीवी नज़र आता है तो यह संकेत है कि वो खुद उन आशंकाओं को मान्यता दे रहे हैं जो उनकी शासन व्यवस्था को लेकर उठती रही हैं।
रवीश कुमार ने आगे लिखा- गोदी मीडिया ने किसानों को आतंकवादी कह कर जनता से अलग कर दिया। जो थोड़ी बहुत जनता किसानों के साथ खड़ी थी उसे आंदोलनजीवी परजीवी कह कर किसानों से अलग किया जा रहा है। कमाल है किसानों के साथ खड़ा होना इतना मुश्किल है कि आपको देश के प्रधानमंत्री परजीवी कहेंगे।
रवीश कुमार ने ये भी लिखा कि एक आदमी अलग अलग आंदोलनों में जाता है। उसे सपोर्ट करता है। क्या वह आंदोलनजीवी परजीवी होता है? जो जनता प्रधानमंत्री को इतना वोट देती है उसी से चिढ़ने की वजह समझ नहीं आती।
रवीश कुमार का यह पोस्ट वायरल हो रहा है। इसपर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। खुर्शीद आलम नाम के एक यूजर ने लिखा- शायद प्रधानसेवक वह वक़्त भूल गए जब राम मंदिर आंदोलन में आडवाणी के रथ में उनके माइक की व्यवस्था संभालते थे, वह भी एक आंदोलन ही था जिससे उनके जैसे भद्रजीवी राजनीति में आज इस मक़ाम पर पहुंचे जहां से उन्हें बाकी सभी आंदोलनकारी और उनके समर्थन में खड़े लोग और देश की बाक़ी जनता कीड़े मकोड़े नज़र आने लगे।
कुछ यूजर्स पीएम मोदी के भाषण पर कटाक्ष करने के लिए रवीश कुमार को ट्रोल कर रहे हैं। यूजर्स उन्हें लिख रहे हैं कि अगर पीएम की बातों में आपको बुराई दिखती है तो मतलब उन्होंने एकदम सही बात बोली है।

