केंद्र सरकार की नई टीकाकरण व्यवस्था के अंतर्गत 21 जून को 81 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई। टीकाकरण के रिकॉर्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि वेल डन इंडिया। जिसके बाद से ही भाजपा नेताओं व समर्थकों द्वारा ट्विटर पर #BharatThanksModiJi का ट्रेंड चलाया जा रहा है।
इसी ट्रेंड पर तंज कसते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने ट्वीट किया कि अपनी पुश्तैनी जायदाद बेच कर टीके लगा रहे हैं क्या नरेंद्र मोदी? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा कि जब ऑक्सीजन, दवा, टीकों, अस्पतालों की किल्लत पर…लाखों भारतीयों की मौत पर… ‘BharatDamnsModiJi’ नहीं कहा तो फिर आज #BharatThanksModiJi भला क्यों ?
ये मोदी जी अपनी पुश्तैनी ज़मीन-जायदाद बेच कर टीके उपलब्ध करा रहे हैं क्या ???
जब ऑक्सीजन, दवा, टीकों, अस्पतालों की किल्लत पर…
लाखों भारतीयों की मौत पर…‘BharatDamnsModiJi’ नहीं कहातो फिर आज #BharatThanksModiJi भला क्यों ????
— Dr. Ragini Nayak (@NayakRagini) June 21, 2021
उनके इस ट्वीट के बाद लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। इस ट्वीट @MiniforIYC ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि, ‘अंधेर नगरी चौपट राजा…जनता का बज गया बाजा… पर अब जनता समझदार हो गई है इस चौपट राजा को अलविदा कहने की बारी आ गई है’। @MithilaDalaan हैंडल से नरेंद्र मोदी को खौफनाक बताते हुए लिखा कि, ‘पता नही,अपने देश के अंदर ये कौन सा नया भारत बन गया है। जहां से इतनी तबाही के बावजूद भी लोग एक खौफनाक चेहरे को धन्यवाद बोल रहे है’।
एक यूजर मजे लेते हुए लिखते है कि, ‘क्योकि इन आइटी सेल के मजदूरो को 2 रु/ट्वीट मिलता है। ये 2 रु के लिए तो चीन पाकिस्तान को भी धन्यवाद दे देंगे।
@ankur982806 नाम के ट्विटर यूजर महंगाई पर सवाल करते हुए लिखते है कि टीका मुफ़्त लग रहा है, धन्यवाद मोदी जी। पेट्रोल डीज़ल 100 पार सरसों तेल 200 पार। अब किसको धन्यवाद बोलूँ? एक यूजर ने लिखा कि धन्यवाद किस बात का? जनता के टैक्स के पैसे से जनता को टीका लग रहा है। जो सरकार की जिम्मेदारी है। पोलियो, खसरा, टीबी, चेचक का टीका दशकों से चल रहा। न तो किसी सरकार ने थैंक्स बोलने के लिएं कहा न जनता ने तो फिर थैंक्स बोलने की यह नौटंकी क्यों?
@DixitVedant ट्विटर हैंडल से कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए लिखा गया कि,’मैडम जायदाद तो कांग्रेस के नेता ने भी नहीं बेची थी। कोई वैक्सीन प्रोग्राम चलाने के लिए, खैर पोलियो वैक्सीन जो 1954 में ही आ गयी थी। देश में आते आते उसे 40 साल लग गए जब दुनिया के 60% पोलियो केस केवल भारत से थे।
वहीं एक और यूजर ने नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए लिखा कि अगर अक्ल का इस्तेमाल करती तो पता चलता कि नरेंद्र मोदी का आभार क्यों माना जाता है? पुरी दुनिया में इतनी मात्रा में कोई देश वैक्सीनेशन नही कर पाया है। लेकिन अक्ल का इस्तेमाल राहुल गाँधी के चमचे कैसे करें? जैसा मालिक, वैसे गुलाम।

