बिहार विधानसभा के चुनाव अपने चरम पर है। पहले चरण की वोटिंग 28 अक्टूबर को होगी। चुनावी माहौल में नेताओं और राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप औऱ वादों की झड़ी लगी हुई है। हर राजनीतिक दल युवाओं को लुभाने के लिए नौकरी देने की बात कर रहा है। राष्ट्रीय जनता दल ने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो वह पहली कैबिनेट मीटिंग में ही 10 लाख नौकरियां देने का काम करेंगे।
राजद के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने घोषणा पत्र में कहा है कि उनकी सरकार बनने पर वह युवाओं को 19 लाख रोजगार देने का काम करेंगे। दोनों प्रमुख दलों की तरफ से नौकरियों के ऐलान के बाद बिहार चुनाव में रोजगार एक अहम मुद्दा बनकर सामने आया है। इसी पर एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने कहा है कि बिहार में नौकरी के मुद्दे को नतीजे तक सीमित कर ठीक नहीं होगा।
रवीश कुमार वे अपने कार्यक्रम प्राइम टाइम में कहा कि, ‘नौजवानों को ख़राब शिक्षा मिली है। जिसके कारण उनका सारा जीवन मामूली योग्यता हासिल करने में चला जाता है। स्कूल कालेज से लाभ नहीं मिलता है। ऐसे युवा को प्राइवेट क्या सरकारी नौकरी भी नहीं मिलेगी। इसमें युवा की गलती नहीं है। गलती उनकी है जिन्होंने उसे इस लायक़ बनाया।‘
रवीश कुमार ने आगे कहा कि, ‘बिहार का नौजवान एक न एक दिन समझेगा कि उसके साथ कितना बड़ा धोखा हुआ है। सरकारी नौकरी का मज़ाक़ उड़ाने वाले अफ़सोस करेंगे। सरकारी नौकरी पर बात होनी चाहिए। जनता के पैसे से नौकरी नहीं होगी लेकिन उसी पैसे से कॉरपोरेट को बिज़नेस करने के लिए लाखों करोड़ का पैकेज दिया जाता है। जिससे ख़ास नौकरी नहीं बनती है।‘
रवीश कुमार ने ये बातें अपने फेसबुक पेज पर लिखते हुए कार्यक्रम का वीडियो भी शेयर किया है। रवीश कुमार का यह फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तीन चरणों में मतदान होना है। 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को वोटिंग के बाद 10 नवंबर को चुनाव के नतीजों का ऐलान होगा। 10 नवंबर को पता चल जाएगा कि बिहार की सत्ता किस दल के पास जाती है। हालांकि सालों बाद बिहार चुनाव में रोजगार एक अहम मुद्दा बनकर उभरा है।

