इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ समारोह में जा रहे अखिलेश यादव को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया था। इसके बाद वह वहां खड़े अफसर पर भड़क गए थे। उन्होंने एसडीएम पर भड़कते हुए कहा था कि तुम कितना पढ़े लिखे हो।

दरअसल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। सपा प्रमुख का काफिला जैसे ही लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचा तो वहां एसडीएम वैभव मिश्रा अपनी फोर्स के साथ तैनात थे। जिसके बाद एसडीएम ने उन्हें सम्मान देते हुए नमस्ते किया था और उन्हें प्लेन में जाने से रोकने की कोशिश की थी। इस दौरान अखिलेश यादव रोक रहे पुलिसवालों पर भड़क गए थे।

एसडीएम वैभव मिश्रा से कहा था कि, ‘ 1 मिनट पहले बात बताइए, साइड में बात कीजिए, हाथ मत लगाना…. हाथ मत लगाना, पहले बात करो, तुम कितना पढ़े लिखे हो… कारण क्या है?’ हालांकि वैभव मिश्रा सपा अध्यक्ष को अपनी बातों से मनाने की कोशिश में जुटे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। जिसके बाद अखिलेश यादव की किरकिरी हुई थी। दरअसल जिस एसडीएम से उन्होंने यह सवाल किया था कि कितने पढ़े लिखे हो? वह 2008 यूपीपीसीएस बैच के टॉपर हैं। ऐसे में उनसे यह सवाल किया जाना अजीब माना जा रहा था। इसकी वजह से अखिलेश यादव को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था।

वहीं इस मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग का दौर भी शुरू हो गया था। अखिलेश यादव ने पूरे मामले पर कहा था कि योगी आदित्यनाथ सरकार डरी हुई है। बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया है। इस मामले पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने  भी उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिये उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या का प्रतीक है।

लखनऊ एयरपोर्ट पर अखिलेश यादव के रोके जाने की सूचना पर विधानमंडल के बजट सत्र में भी जमकर हंगामा हुआ था। सपा प्रमुख को प्रयागराज जाने से रोके जाने के मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन से जिला प्रशासन से अखिलेश यादव के आगमन पर बवाल की आशंका जाहिर की थी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिला प्रशासन से अखिलेश यादव का कार्यक्रम स्थगित करने की मांग की थी। सीएम योगी ने यह भी कहा था कि समाजवादी पार्टी तो लंबे समय से अराजकता फैलाने के लिए जानी जाती है। अखिलेश यादव अगर इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाते तो वहां पर बवाल होता। वहां पर छात्र गुटों में हिंसा की आशंका के चलते जिला प्रशासन ने उनके आगमन को रोका है।