Viral Emotional Video: इंटरनेट पर अक्सर खुशियों के वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक बुजुर्ग महिला, जिसकी आंखों में बेबसी और गालों पर लुढ़कते आंसू हैं, अपनी बेटी द्वारा वृद्धाश्रम (Old Age Home) छोड़े जाने पर दुपट्टे से अपना चेहरा छिपाती नजर आ रही है।
मां को लेकर वृद्धाश्रम पहुंची बेटी
इस वीडियो ने एक बार फिर यह कड़वा सवाल खड़ा कर दिया है— क्या वाकई बच्चों के बड़े घरों में मां-बाप के लिए जगह खत्म होती जा रही है? वायरल वीडियो के अनुसार, बेटी अपनी मां को लेकर वृद्धाश्रम पहुंची। जब वहां मौजूद लोगों या स्टाफ ने इसका कारण पूछा, तो बेटी का जवाब चौंकाने वाला था। उसने कथित तौर पर कहा कि उसके घर में जगह कम है और वह मां की देखरेख नहीं कर सकती।
वीडियो में दिखाया गया है कि यह सुनते ही बुजुर्ग महिला की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वह खामोश रहीं, बस अपने पुराने दुपट्टे के कोने से बार-बार आंखों को पोंछती रहीं। वह न तो चिल्लाईं, न ही उसने शिकायत की।
मां की ममता तब भी अपनी औलाद के लिए दुआएं मांग रही थी, लेकिन उसकी सिसकियां चीख-चीख कर समाज की गिरती नैतिकता की कहानी बयां कर रही थीं। इस वीडियो के वायरल होते ही लोगों ने उस बेटी की जमकर क्लास लगाई। हालांकि, जनसत्ता वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है। ऐसी भी संभवता है कि वीडियो असली नहीं बल्कि स्क्रिप्टेड हो और केवल जागरूकता के मकसद से बनाई गई हो।
यहां देखें वायरल वीडियो –
हालांकि, वीडियो ने यूजर्स की संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो पर टिप्पणी करते हुए एक यूजर ने लिखा : “घर में जगह नहीं थी या तुम्हारे दिल में? जिस मां ने अपनी गोद में पालकर तुम्हें बड़ा किया, उसके लिए दो गज की जगह कम पड़ गई?” दूसरे का कमेंट: “यह आज के समाज की सबसे डरावनी तस्वीर है। भगवान ऐसी औलाद किसी को न दे।”
वहीं, एक अन्य ने कहा – ये बहुत पीड़ादायक और सोचने पर मजबूर कर देने वाली सच्चाई है। जिस मां ने पूरी जिंदगी बच्चों के लिए दे दी, उसी मां के लिए जब कहा जाए कि ‘घर में जगह नहीं है’ तो ये केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि हमारी संवेदनाओं और मूल्यों की हार है। वहीं, कई लोगों ने तो उस मां को अपने घर ले जाने तक की पेशकश कर दी।
बहराहल, वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो ने एक बेहद गहरा और भावुक कर देने वाला मैसेज दिया है – वो माता-पिता जो बच्चों के जन्म के बाद से अपनी हर शौक को दरकिनार कर बच्चे की परवरिश करने में जुटे रहते हैं, उन्हें एक आरामदायक जिंदगी देने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, क्या बुढ़ापे में उन्हें उसी प्यार और स्नेह का अधिकार नहीं है? आप क्या सोचते हैं, कमेंट्स में बताएं।
