अखिल भारतीय हिंदू सभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि देश में हिंदू कैलेंडर लागू किया जाए और इसके साथ ही हिंदुओं को मंगलवार के दिन छुट्टी दी जाए। हिंदू महासभा द्वारा समय-समय पर इस तरह की मांग की जाती रहती है। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हिंदू महासभा ने की ऐसी मांग
हिंदू महासभा के एक कार्यकर्ता ने मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि, ‘हमें रविवार के बजाय मंगलवार को छुट्टी दी जाए, देश में गुरुकुल खोले जाएं। इसके अलावा देश में हिंदू कैलेंडर लागू किया जाए, जिससे हिंदू तिथियों के बारे में हिंदू बच्चे अच्छी तरीके से जान और समझ पाए। संस्कृत टीचरों की भी भर्ती की जाए। जिससे हमारे बच्चे अपने ग्रंथों को पढ़ सकें क्योंकि हमारे ज्यादातर ग्रंथ संस्कृत में है। ऐसे में अगर बच्चा संस्कृत नहीं जानता होगा तो अपना ग्रंथ कैसे पढ़ पाएगा।’
यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शन
अखिल भारतीय हिंदू महासभा द्वारा की गई मांग पर कुछ लोगों ने कहा है कि सरकार को तुरंत मान लेना चाहिए वहीं कुछ लोगों ने तंज कसते हुए कमेंट किया है। आशीष तिवारी नाम के एक यूजर लिखते हैं, ‘क्यों भाई मंगल को ही छुट्टी क्यों चाहिए? रविवार तो सूर्य भगवान का दिन होता है, उनसे क्या खता हुई? फिर सोमवार को तो शिव की आराधना होती है, गुरु तो हर घर में बृहस्पति को पूजे जाते हैं और शुक्रवार तो देवी मां का दिन होता है। शनिवार को शनि भगवान का और बुधवार को गणेश जी..।’
राहुल त्रिपाठी नाम के ट्विटर यूजर द्वारा पूछा गया कि संघ और बीजेपी वालों के कितने बच्चे गुरुकुल में पढ़ते हैं? अशोक कुमार पांडे नाम के एक यूजर ने लिखा – इसके साथ ही आरएसएस, बीजेपी और एनडीए के सभी नेताओं के बच्चों को हिंदी माध्यम के गुरुकुल में पढ़ना अनिवार्य हो। निरंजन नाम के ट्विटर यूजर कमेंट करते हैं कि इस तरह से पूरे देश को बर्बाद कर दिया जाएगा, एक ही देश में दो संविधान लागू होगा क्या?
हिंदू महासभा ने नोट पर गांधी की जगह सावरकर का चित्र लगाने की मांग थी
अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने दो हजार अट्ठारह में नोट पर महात्मा गांधी की जगह वीर सावरकर की तस्वीर लगाई जाने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की थी। इसके साथ ही हाल में ही नमाज के बाद कई जिलों में हुए दंगे को लेकर हिंदू महासभा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की थी कि नमाज पर पूरी तरह से रोक लगा देनी चाहिए।
