केंद्र सरकार द्वारा कुछ महीने पहले पारित किये गए नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) काफी तेज हो चला है। पिछले 19 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर डेट हजारों किसान सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल (Hunger Strike) पर हैं। इसके अलावा, किसान देशभर में धरना दे रहे हैं। एक हफ्ते के भीतर किसानों का यह दूसरा देशव्यापी प्रदर्शन है। इससे पहले, पिछले मंगलवार को किसानों ने ‘भारत बंद’ का आह्वान किया था। तमाम राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों ने भी किसानों के भारत बंद का समर्थन किया था। सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद, किसानों का कहना है कि जब तक नए कानूनों को वापस नहीं लिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इसी मुद्दे पर हिंदी न्यूज चैनल आज तक पर  एक लाइव डिबेट शो का आयोजन किया गया। इस डिबेट में भाजपा की तरफ से पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी शामिल थे तो कांग्रेस की तरफ से अभय दुबे। शो में एंकर ने बीजेपी प्रवक्ता से पूछा कि मोदी जबसे प्रधानमंत्री बने हैं उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अब आई है। इसे आप कैसे देखते हैं?

सवाल के जवाब में सुशांधु त्रिवेदी ने आंदोलन कर रहे किसानों और किसान संगठनों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के बीच आपस में ही विश्वास नहीं है तो वह सरकार पर क्या विश्वास करेगी।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि किसान आपसी सहमति से अपने किन्हीं 5 नेताओं को नहीं चुन पा रही है जिनसे किसी तरह की बातचीत करके हल निकाला जा सके। इस कारण इस आंदोलन पर संदेह हो रहा है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आज से पहले जब भी कोई किसान आंदोलन या फिर किसी तरह का जन आंदोलन देश में हुआ है हमेशा आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल होता है जो सरकार के सामने अपनी बातें रखता है। बीजेपी प्रवक्ता ने इस बात के लिए जेपी आंदोलन से लेकर अन्ना आंदोलन तक का हवाला दिया।

सुधांशु त्रिवेदी की ये बातें सुन शो की एंकर ने उनपर जवाबी हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि जब किसानों का कोई प्रतिनिधिमंडल ही नहीं है तो फिर 6 राउंड की बातचीत किससे हुई है। गृह मंत्री अमित शाह ने आखिर किस से बात की है। देखें डिबेट का वीडियो: