योगी आदित्य नाथ को यूपी का मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि योगी आगे चलकर बीजेपी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार का चेहरा हो सकते हैं। हालांकि बीजेपी या फिर पार्टी नेताओं की ओर से ऐसे किसी तरह के संकेत नहीं दिए गए। योगी की सीएम बनाए जाने को लेकर भी, कई तरह की चर्चाएं हुई। कहा गया कि यूपी के सीएम पद के लिए योगी आदित्य नाथ, पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की पसंद नहीं थे। लेकिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की इच्छा योगी को सीएम बनाए जाने की थी। हालांकि योगी आगे चलकर पीएम मोदी की जगह ले सकते हैं। इस बात के संकेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने दिया। दिग्विजय ने एक ट्विटर पर एक फोटो पोस्ट की है। जिसमें बीजेपी के लौह पुरुष और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को पीएम मोदी के साथ दिखा गया है। फोटो के साथ कुछ लाइनें भी लिखी गई हैं।

दिग्विजय ट्वीट की गई फोटो में लिखा हैं- “तू आज वही गलती कर गया, योगी को CM बनाकर। जो 15 साल पहले मैंने तुझे गुजरात का CM बनाकर की थी। बहुत पछताएगा मेरी तरह। #कहते हैं इतिहास अपने आपको दोहराता ज़रुर है।” कहा जाता है कि गोधरा कांड के बाद 2002 में हुए गुजरात दंगों से अटल बिहारी वाजपेयी नाराज थे और वह तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाना चाहते थे। उस वक्त आडवाणी ही मोदी के बचाव में आगे आए थे।

दिग्विजय की इस फोटो को लेकर यूजर्स ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि आप मानते हैं कि कांग्रेस का आगे और पतन होगा और मोदी के बाद योगी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। एक यूजर ने लिखा- “इसका मतलब सर आप यह स्वीकार करते हैं कि योगी जी को भी मोदी जी की तरह आने वाले समय में भारी जन समर्थन मिलेगा कांग्रेस, का पतन।” एक अन्य यूजर ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए लिखा- “अर्जुन सिंह ने की थी यही गलती सुभाष यादव को हटा कर तुम्हे लाने की, होशंगाबाद में जमानत जब्त करवाई अर्जुन सिंह की।”

https://twitter.com/digvijaya_28/status/846883869563535361

https://twitter.com/juswanasay/status/846923918745178112

गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी को भारी बहुमत मिला। इसके बाद एक हफ्ते तक लगातार जारी खींचतान के बाद योगी आदित्य नाथ को सीएम बनाने का फैसला लिया गया। 19 मार्च को योगी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। योगी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की वजह उनके सख्त फैसले लेने वाले नेता की छवि भी है। शपथ लेने के बाद योगी ने कुछ इस तरह का काम भी किया। योगी ने आते ही अवैध बूचड़खानों, महिला के खिलाफ अपराध को रोकने, सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों के समय से आने समेत कई अहम फैसले लिए। वो बिना कैबिनेट की मीटिंग किए हुए।