उत्‍तर प्रदेश में अखिलेश यादव द्वारा ‘गधों’ को लेकर दिए गए बयान को राजनेता छोड़ने को तैयार ही नहीं हैं। अखिलेश की बात का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया तो सपा की ओर भी पलटवार हुआ। फिर ‘गधे’ वाली टिप्‍पणी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने आ गए। अखिलेश यादव ने 20 फरवरी को रायबरेली में आयोजित चुनावी सभा में गुजरात सरकार के पर्यटन विभाग के ‘वाइल्ड ऐस सेंक्चुरी’ के टीवी विज्ञापन की तरफ इशारा करते हुए कहा था ‘एक गधे का विज्ञापन आता है। मैं सदी के महानायक (अमिताभ बच्चन) से अपील करता हूं कि वह गुजरात के गधों का प्रचार मत करें।’ इसके जवाब में मोदी ने कहा था, ”गधा अपने मालिक का वफादार होता है। गधा कितना ही बीमार हो, भूखा हो, थका हो लेकिन अगर मालिक उससे काम लेता है तो सहन करता हुआ भी अपने मालिक का दिया काम पूरा करके रहता है। अखिलेश जी सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे मालिक हैं। वो मुझसे कितना काम लेते हैं, मैं करता हूं, थक जाऊं तो भी करता हूं, क्योंकि मैं गधे से गर्व के साथ प्रेरणा लेता हूं।”

अब कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मोदी के इस बयान पर टिप्‍पणी करते हुए शुक्रवार को ट्वीट किया, ”जी हां, आपने मोदी जी ठीक फरमाया, आप बिल्कुल गधे के माफ़िक़ काम कर रहे हैं!” हालांकि दिग्विजय की यह भाषा कई यूजर्स को पसंद नहीं आई और उन्‍होंने उनकी खिंचाई शुरू कर दी। सैलेंद्र ने लिखा, ”कितना फ़र्क़ है मोदी जी गधे के माफ़िक़ खट रहे हैं और आप कुत्ते के माफ़िक़ भौंक रहे हैं।” विशाल ने कहा, ”ये निजी आचरण का विषय है। कुछ गधे की तरह श्रमी होते हैं, कुछ कुत्ते की तरह चाटुकार और स्वामिभक्त होते हैं, भले ही स्वामी कैसा भी हो।”

देखें दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं:

https://twitter.com/sanjay2117kumar/status/834977761420771330

https://twitter.com/adiligentsloth/status/834976731698102272

अखिलेश यादव के ‘गधा’ संबंधी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुजरात प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाया था कि यह पश्चिमी राज्य के लोगों का अपमान है और उनके (अखिलेश) विपरीत गधे वफादार होते हैं।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के बीच सत्ता संघर्ष पर चुटकी लेते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि उनके विपरीत गधे वफादार होते हैं और उन्हें जानवर से सीखना चाहिए।