ब्लैकमनी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं लोगों की दैनिक जरुरतें नहीं पूरी हो पा रही है तो कहीं लोगों को इलाज और कफन तक नहीं मिल रहा। 500 और 1000 रुपए के नोट बैन के ऐलान के सप्ताह भर बाद भी एटीएम और बैंकों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। 8 तारीख को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोट बैन करने का ऐलान किया तो उन्हें काफी समर्थन मिला। लेकिन जब 10 तारीख से लोग पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंकों पर उमड़े और उन्हें काफी परेशानी हुई तो समर्थन थोड़ा कम हो गया। बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी को ठोस प्लानिंग के बिना फैसला लागू करने के लिए कोसने लगे। लोग तरह-तरह के फोटो, कार्टून, वीडियो आदि के जरिए सरकार और पीएम पर कटाक्ष करने लगे।

एक यूजर ने कविता पढ़ते मोदी का एक पुराना वीडियो भी ट्वीट किया। प्रधानमंत्री ने इसी साल मार्च में संसद में एक कविता की कुछ लाइनें सुनाई थीं। उन्होंने कहा था, ‘यहां किसी को कोई रास्ता नहीं देता, मुझे गिराकर अगर तुम संभल सको तो चलो।’ ‘किसी के वास्‍ते राहें कहां बदलती हैं, तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो। ‘सफर में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो, सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो।’

बॉलिवुड एक्टर विवेक ओबराय ने ट्वीट किया मोदी का पुराना वीडियो। (Photo Source: Twitter)
बॉलिवुड एक्टर विवेक ओबराय ने ट्वीट किया मोदी का पुराना वीडियो। (Photo Source: Twitter)

नोट बदलवाने के लिए घंटों लोगों को कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। इसे लेकर हो रही सरकार की आलोचना के बीच मंगलवार (15 नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां ने खुद बैंक जाकर 4500 रुपए के पुराने नोट बदलवाए। माना जा रहा है कि यह संदेश है कि जब प्रधानमंत्री की 96 साल की मां खुद बैंक जा सकती हैं तो आम आदमी को भी सरकार का साथ देना चाहिए। हालांकि दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने इसे राजनीति बताया। ट्विटर पर कई अन्य यूजर्स ने ऐसी ही राय दी। हालांकि कई यूजर्स की सकारात्मक प्रतिक्रिया भी आई।

वीडियो: पीएम मोदी ने संसद में सुनाई थी ये लाइनें…