दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में हिंसा के बाद शुरू हुआ पूरा विवाद अब धीरे धीरे समाज के हर तबके में फैलता जा रहा है। इस विवाद में छात्र संगठनों के अलावा राजनीतिक पार्टियां भी कूद चुकी है। साथ ही पत्रकार और जाने माने सेलिब्रिटी भी धीरे धीरे अपनी बात ट्विटर के माध्यम से रख रहे हैं। एबीवीपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने वाली गुरमेहर कौर के ऊपर विरेंद्र सहवाग और रणदीप हुड्डा ट्विटर पर अपनी बात रख चुके हैं। अब इस कड़ी में एक और नया नाम जुड़ गया है। महिला पहलवान बबिता फोगाट का। दरअहसल गुरमेहर पर रणदीप हुड्डा ने ट्वीट कर रहे थे। जिसके जवाब में एक दूसरे शख्स से ने कहा कि राजनीति में ज्यादा दिमाग की जरूरत होती है। तुम बी ग्रेड फिल्मों करो। इसके बाद पत्रकार राणा आयूब ने इस विवाद में पूरे हरियाणा के ले लिया उन्होंने लिखा हरियाणा का है ना, महिलाओं की मुक्ति के लिए अपना काम कर रहे हैं। इस बात पर बबिता फोगाट आ गई। उन्होंने लिखा हरियाणा के हम फोगाट बहने भी हैं। क्या जानती हैं आप हरियाणा के बारें में। जिसके बाद राणा आयूब ने उनसे गुरमेहर कौर के हर में बात करने का आग्रह किया। जवाब में बबिता ने लिखा कि जो अपने देश के हक में बात नहीं कर सकती, उसके हक में बात करना ठीक है क्या।
https://twitter.com/RaisinaSeries/status/835907083975311360
haryana ke hain na. Doing his bit for emancipation of women
— Rana Ayyub (@RanaAyyub) February 26, 2017
Haryana ki hi hain hum Phogat sister bhi. Kya jante h aap haryana k bare me . https://t.co/ZWtl5fnEXJ
— Babita Phogat (Modi Ka Parivar) (@BabitaPhogat) February 27, 2017
bahot khushi hui ki aapne insaaf pasandi ki baat ki. Umeed hai ki aap jaisi haryana ki achiever @mehartweets ke haq mein bhi baat karengi. https://t.co/saezYQrZz4
— Rana Ayyub (@RanaAyyub) February 27, 2017
Jo aapne desh ke haq m bat nhi kar sakti uske haq m bat karna thik h kya??? https://t.co/t4Xb0AELHi
— Babita Phogat (Modi Ka Parivar) (@BabitaPhogat) February 27, 2017
इससे पहले सहवाग ने एक तस्वीर ट्वीट की थी। इसमें वे हाथ में एक तख्ती पकड़े होते हैं और लिखा होता है, ”मैंने नहीं मेरे बल्ले ने दो तिहरे शतक मारे थे।” उनका यह बयान गुरमेहर कौर के कैंपेन पर परोक्ष हमला था। गुरमेहर ने रामजस कॉलेज में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की कथित हिंसा के बाद एक कैंपेन चलाया था। इसके तहत उन्होंने फेसबुक पर फोटो लगाई थी जिसमें लिखा होता है, ‘मैं दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ती हूं। मैं एबीवीपी से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर छात्र मेरे साथ है। हैशटैग स्टूडेंट्स अगेंस्ट एबीवीपी।’ उनकी पोस्ट के बाद ट्रेंड चल पड़ा था।
रणदीप हुड्डा ने वीरेंद्र सहवाग के ट्वीट का समर्थन किया और इसे थंब्स अप दिया। पत्रकार शेखर गुप्ता ने एतराज जताते हुए लिखा, ”दुखद, वीरू और रणदीप बड़े दिल के सितारे हैं। किसी की देशभक्ति को सर्टिफिकेट की जरुरत नहीं है और उसकी पर(देशभक्ति) उसके पिता के महान बलिदान की छाप है।” इस पर रणदीप हुड्डा ने जवाब दिया, ”दुखद बात यह है कि बेचारी लड़की को राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया गया और लगता है आप भी इसमें पार्टी हैं…।” शेखर गुप्ता ने हुड्डा के इस आरोप पर तुरंत पलटवार किया। उन्होंने लिखा, ”आप जो चाहे मुझे कह सकते हैं इसके लिए आपका स्वागत है। वह बेचारी लड़की नहीं है या मोहरा नहीं है। वह मजबूत, अपने दिमाग की सुनने और पितृसत्ता का सामना करने वाली युवा है।”
