दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार (8 मार्च) को एक ट्वीट किया। इसमें उन्‍होंने लिखा- ‘प्रधान मंत्री जी। आप इसको ट्विटर पे फ़ॉलो करते हो। आपका चेला है। भाजपा का पदाधिकारी है। गाली हमारे वाले भी दे सकते हैं। पर हम हिन्दू हैं। हमारी हिन्दू सभ्यता हमें गाली देना नहीं सिखाती।’ केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह टिप्‍पणी की। उन्‍होंने यह टिप्‍पणी एक ट्वीट पर कमेंट करते हुए की। @Avadhutwaghbjp ने ट्वीट किया था- पाकिस्तानी सेना का एक सीक्रेट कर्नल भारत मे छिपकर पाकिस्तान के लिये काम कर रहा है..नाम है “अल हरामी बिन कमीना मौहम्मद कंजरवाल खान” इसी ट्वीट पर केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को टैग करते हुए प्रतिक्रिया दी।

इस पर जहां कुछ लोग केजरीवाल के पक्ष में टिप्‍पणी करने लगे, वहीं कई ने उन्‍हें आड़े हाथों लिया। तरह-तरह के फोटो, वीडियो पोस्‍ट कर लोगों ने उन पर प्रधानमंत्री का अपमान करने और गंदी हरकतें करने वालों के साथ फोटो खिंचवाने का आरोप लगाया।

अरविंद केजरीवाल का ट्वीट।

कुछ यूजर्स ने लिखा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अरविंद केजरीवाल को अपने गिरेबान में भी झंकना चाहिए। ऐसे यूजर्स ने लिखा कि कुछ दिन पहले आपने भी प्रधानमंत्री को मौत का सौदागर कहा था, अब अपने पर आया तो आप बिलबिला उठे। कुछ यूजर्स ने तो अरविंद केजरीवाल का वो पुराना ट्वीट भी रिट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा था- Modi is coward and psycopath.

@nikhildadhich नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया- तुम्हारे वालों के गाली देने की बात पर इतना ही कहूंगा भाई तुम तो ज्ञान देना रहने ही दो। तुम्हारे वाले गाली के साथ साथ क्या क्या करते हैं वो सबको पता है। तुम्हारे MLA द्वारा रेप का मामला अभी ताजा ही है। अमानतुल्ला खान भी तुम्हारी ही पार्टी का है।

बता दें कि पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना द्वारा किये गए एयर स्ट्राइक के बाद से ही केजरीवाल सोशल मीडिया में ट्रोल हो रहे थे। दरअसल उन्होंने तीन साल पहले उरी हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे थे जिस पर उनकी जमकर खिंचाई हुई थी। इस बार उन्होंने वायुसेना को बधाई दी तो बीजेपी नेताओं ने पूछ लिया- सबूत तो नहीं चाहिए। इसके कुछ दिन बाद जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मरने वाले आतंकियों की संख्या बता दी तो केजरीवाल ने सवाल पूछ लिया- ‘क्या शाह के मुताबिक सेना झूठ बोल रही है?’ दरअसल सेना की तरफ मरने वाले आतंकियों की संख्या की जानकारी नहीं होने की बात सामने आई थी।