श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Murder Case) के आरोपी आफताब आमीन पूनावाला (Aftab Poonawala) का नार्को टेस्ट पूरा हो चुका है। अब वह तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद है। खबरों की मानें तो आफताब ने जेल में पुलिसकर्मियों से पढ़ने के लिए इंग्लिश नॉवेल की मांग की है। कहा तो यह भी जा रहा है कि आफताब ने पहली बार कोई डिमांड की है। खबरों के अनुसार, तिहाड़ जेल प्रशासन ने उसकी मांग को मान लिया है और उसे नॉवेल पढ़ने के लिए दिया जाएगा। इस पर भाजपा नेता भड़क गए।

भाजपा नेता ने कसा तंज

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा (Tajinder Pal Singh Bagga) ने लिखा कि केजरीवाल जी शर्म आती है आपको? एक हिंदू बेटी के 35 टुकड़े करके कत्ल कर दिया और आप उन्हें नॉवेल उपलब्ध करवा रहे हो। कल को मसाज भी दिलवाओगे ? एक बेटी के हत्यारे के लिए इतनी सहानुभति क्यों? प्रयाग नाम के यूजर ने लिखा कि थोड़ा मसाज भी करवा देना, पढ़ते-पढ़ते बैक पेन भी होने लगेगा। @Dayweekaa यूजर ने लिखा कि इसे नेटफ्लिक्स (Netflix) का सबस्क्रिप्शन दिलवा दो ताकि बैठकर कोई सीरिज देखा करे।

लोगों की प्रतिक्रियाएं

भाजपा नेता रमेश सोलंकी ने लिखा कि नॉवेल पढ़ने के बजाय आफताब को किताबें लिखनी चाहिए कि “काफिर लड़कियों को कैसे कट करें” या “35 टुकड़े और फ्रिज”। @gauravsiingh यूजर ने लिखा कि ऐसा लगता है, वह छुट्टियां मनाने या पिकनिक पर गया है। @luckyschawla यूजर ने लिखा जिस तरह केजरीवाल सरकार ने सत्येन्द्र जैन को सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, उससे इसका मनोबल चरम पर है।

@rohithverse यूजर ने लिखा कि ऐसा सिर्फ भारत में ही हो सकता है। @ZestMeetZenith यूजर ने लिखा कि बिरयानी का भी देख लेना कुछ व्यवस्था हो जाए तो उसने कब से नहीं खायी होगी। बग्गा पर पलटवार करते हुए @servehuman यूजर ने लिखा कि रेपिस्ट को संस्कारी बताने वाली पार्टी, जैल मैनुअल पर ही सवाल उठा रही है। @Mandhir37719287 यूजर ने लिखा कि बिलकिस बानों के रेपिस्टों को जब मालाएं पहनाई जा रही थी, स्वागत किया जा रहा था तब तो बग्गा ने कुछ नहीं बोला था। अब कानूनन उसे सुविधा दी जा रही है तो इतनी चिढ़ क्यों?

बता दें कि श्रद्धा की हत्या (Shraddha Murder) की बात आफताब ने स्वीकार कर ली है लेकिन पुलिस अब सबूत जुटाने में लगी हुई है। पुलिस (Delhi Police) ने आफताब से सच्चाई निकलवाने के लिए नार्कों टेस्ट (Narco Test) भी करवाया, लेकिन जानकारी के अनुसार नार्कों टेस्ट से पुलिस को कुछ ख़ास कामयाबी हाथ नहीं लगी है। कहा तो यह भी जा रहा है कि आफताब की ब्रेन मैपिंग टेस्ट (Brain Mapping Test) भी करवाई जा सकती है लेकिन यह टेस्ट इस पर निर्भर करता है कि पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के रिजल्ट में कितनी सच्चाई सामने आ पाई है।