उबर को टक्कर देने वाले देसी प्लेटफॉर्म को भारतीयों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) द्वारा प्रमोटेड कोऑपरेटिव बेस्ड राइड प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ शुरुआती ही शानदार तेजी दर्ज कर रहा है। पिछले कुछ दिनों से इस ऐप पर हर दिन लगभग 45,000 नए यूज़र जुड़ रहे हैं।
सॉफ्ट लॉन्च के बाद से अब तक इस ऐप पर 4 लाख से ज्यादा ग्राहक रजिस्टर्ड हो चुके हैं। यह संख्या ओला और उबर जैसे निजी एग्रीगेटर्स के मुकाबले ड्राइवर-ओन्ड विकल्प के रूप में इसमें बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।
Bharat Taxi के मालिक हैं टैक्सी ड्राइवर, जानें कैसे Ola, Uber, Rapido से है अलग
Bharat Taxi ऐप के तेजी से बढ़ते रजिस्ट्रेशन की जानकारी को सहकारिता मंत्रालय के आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किया गया। इसमें बताया गया कि यह फेज, देशभर में इस प्लेटफॉर्म के लॉन्च से पहले का मौजूदा दौर है। यह तेज़ रफ्तार सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘सहकार से समृद्धि’ पहल के अनुरूप है जो केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।
भारत टैक्सी और इसका ड्राइवर-सेंट्रिक कोऑपरेटिव मॉडल
नई दिल्ली के सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (Sahakar Taxi Cooperative Limited) द्वारा संचालित भारत टैक्सी अपनी ज़ीरो-कमीशन स्ट्रक्चर के कारण अलग पहचान बना रही है। इस मॉडल में ड्राइवर अपनी कमाई का लगभग 100% हिस्सा अपने पास रख सकते हैं। जबकि उबर और ओला जैसे प्रतिस्पर्धी ड्राइवरों से 20–30% कमीशन वसूलते हैं। यानी नया प्लेटफॉर्म इन प्रतिद्वन्दियों के बिल्कुल उलट है।
इस कोऑपरेटिव मॉडल में ड्राइवर केवल सर्विस प्रोवाइडर नहीं बल्कि स्टेकहोल्डर भी होते हैं। उन्हें बोर्ड में प्रतिनिधित्व, मुनाफे में हिस्सेदारी और डिविडेंड मिलने की संभावनाएं भी मिलती हैं।
यह प्लेटफॉर्म अमूल जैसी सफल सहकारी संस्थाओं से प्रेरित है और अमूल (GCMMF) के मैनेजिंग डायरेक्टर जयन मेहता इसके चेयरमैन हैं। इसे IFFCO, NABARD, KRIBHCO, NAFED, NDDB, NCEL और NCDC जैसी प्रमुख संस्थाओं का समर्थन भी मिला है। तकनीकी रूप से ‘भारत टैक्सी’ उसी बैकएंड सिस्टम पर आधारित है जिसका इस्तेमाल ONDC से जुड़ा नम्मा यात्री ऐप (Namma Yatri app) करता है। इस प्लेटफॉर्म को Moving Tech Innovations ने विकसित किया है जिससे यूज़र्स को विश्वसनीय और जाना-पहचाना अनुभव मिलता है।
Bharat Taxi App के प्रमुख फीचर्स
-इस ऐप में ग्राहकों को किसी तरह की सर्ज प्राइसिंग नहीं देनी होगी। पीक आवर्स में भी किराया फिक्स रहेगा।
-राइड ऑप्शन के तौरपर कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी और इंटरसिटी ट्रैवल सपोर्ट मिलेगा।
-कम किराया और पूरी पारदर्शिता के साथ ड्राइवर्स की पुलिस वेरिफिकेशन होगी। लाइव ट्रैकिंग, कॉन्टैक्ट के साथ राइड शेयरिंग और अलग-अलग भाषओं में 24/7 सपोर्ट।
-यह ऐप ऐंड्रॉयड व iOS प्लेटफॉर्म पर यात्रियों (Bharat Taxi) और ड्राइवर्स (Bharat Taxi Driver) के लिए उपलब्ध है।
Bharat Taxi का एक्सपेंशन प्लान
दिल्ली और गुजरात के कुछ शहरों में सॉफ्ट लॉन्च के बाद 1 जनवरी से भारत टैक्सी अब कई शहरों में उपलब्ध है। सरकार का इरादा इस प्लेटफॉर्म को देश के बड़े शहरों (मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता) के बाद टियर-2 शहरों, सेमी-अर्बन और ग्रामीण इलाकों में उपलब्ध कराना है।
भारत टैक्सी ऐप को मिली यूजर्स की शानदार प्रतिक्रिया को देखकर लगता है कि आने वाला समय ओला-उबर-रैपिडो के लिए वाकई मुश्किल होने वाला है। अब सवाल भी कई हैं। पहला – अभी तक मनमर्जी किराया, सर्ज प्राइसिंग वसूलने वाले ये कैब प्रोवाइडर क्या अपने सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी लाएंगे? पिछले कई सालों से ओला-उबर का भारतीय बाजार में प्रभुत्व है, क्या अब उनकी मोनोपोली टूटेगी? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले समय में मिलेगा।
