सुरेंद्र कुमार ‘महाचंद्र’
देखो, देखो आया बंदर
देखो, देखो आया बंदर
आंख दिखाता मुंह बिचकाता
घुड़की देकर खूब डराता
रोटी लेकर भागा बंदर
देखो, देखो आया बंदर।
नीचे आता ऊपर जाता
कभी डाल को खूब हिलाता
कान हिलाता आया बंदर
देखो, देखो आया बंदर।
खौं-खौं करके दांत दिखाता
आगे आता फिर हट जाता
थैला छीन कर भागा बंदर
देखो, देखो आया बंदर।
पूंछ उठा कर अकड़ दिखाता
पापजी को खूब छकाता
देख कर डंडा भागा बंदर
देखो, देखो आया बंदर।
केले खाता, रौब जमाता
देख देख कर नकल दिखाता
अब डंडा ले कर भागा बंदर।
देखो, देखो आया बंदर।

