मोनिका अग्रवाल
मम्मी, देखो बंदर! कहां है?
यहां हमारे वॉशिंग एरिया में। यहां एक छोटा सा बंदर बैठा है। जल्दी आओ न प्लीज। नहीं। तुम उसके पास मत जाओ, काट लेगा। नहीं मम्मी वह काटेगा नहीं।
देखो ना, वह कितना चुप-चुप लग रहा है। लगता है उसकी तबीयत सही नहीं है।
सोनू मैं बोल रही हूं, इधर आ जाओ। जानवरों के साथ थोड़ी दूरी बना कर रखा करो। नहीं, मम्मी आकर देखो। वह कहीं चल फिर भी नहीं पा रहा। उसको सांस लेने में भी शायद तकलीफ हो रही है। देखो ना ! वह मुंह खोलकर सांस ले रहा है। सोनू वहां से हटो। इधर आओ। आजकल इतनी बीमारियां फैल रही है। बराबर टीवी पर आ रहा है कि पालतू जानवर हो या जंगली जानवर, उनसे कुछ दूरी बना कर रखो। लेकिन तुम मानते ही नहीं हो। जानवरों के लिए इतना प्यार भी सही नहीं!
रामू जरा इस बंदर को यहां से भगाना….!
रामू बंदर को भगाने के लिए आता है। लेकिन बंदर चल नहीं पा रहा और वह भागता नहीं है। तब रामू आकर बोलता है, ‘मेमसाब बंदर नहीं जा रहा, लगता है कोई परेशानी है इसको।’
मम्मी मैं भी तो यही बोल रहा हूं कि वह बीमार है। अच्छा मैं उसके पास नहीं जाऊंगा, लेकिन जरा आप डॉक्टर अंकल को फोन तो कर दो। वो इसे आकर देख लेंगे। हो सकता है यह भूखा हो। मैं इसको कुछ खिला दूं? नहीं। अच्छा मैं डॉक्टर पाशा को कॉल करती हूं। तुम प्रॉमिस करो कि, जब तक तुम्हारे डॉक्टर अंकल न आ जाएं, तुम मशीन एरिया में नहीं जाओगे। नहीं… मैं उसको थोड़ी दूर से देखता रहूंगा, छूऊंगा नहीं। आइ प्रॉमिस।
उफ्फ ये लड़का। (मम्मी बड़बड़ाते हुए) कितना टशन है इसमें जानवरों के लिए। फोन करने पर, थोड़ी ही देर में डॉक्टर पाशा आते हैं और वह रामू और अपने असिस्टेंट की सहायता से उस बंदर का चेकअप करते हैं। अपने असिस्टेंट को उस बंदर को अस्पताल ले जाने के लिए बोलते हैं। इतने में सोनू भागा- भागा आता है।
पाशा अंकल मुझे आपसे कुछ जरूरी बात करनी है।
हां बताओ बेटा!
अंकल मम्मी कह रही हैं कि कोई बहुत भयानक बीमारी फैल रही है। जिसके कारण पालतू जानवरों तक से हमें दूरी बनाकर रखनी है। ऐसा क्या है?
हां बेटा! आपकी मम्मी सही कह रही है। आजकल कोरोना वायरस फैला हुआ है ।
अंकल कोरोना वायरस क्या है? बेटा कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है।
अच्छा तो अंकल इस वायरस को मार क्यों नहीं देते?
बेटा मारेंगे तो तभी ना जब इसका पता चलेगा। मतलब
मतलब, ये कि इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण (यानी बुरी तरह से फैलना) सबसे पहले दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ है। तो अंकल उसकी दवाई भी तो होगी ।
नहीं बेटा, वही तो परेशानी है कि अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है। ओह फिर? अंकल कैसे पहचानेंगे इस बीमारी को? बेटा इसमें मरीज को बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी परेशानी होती हैं। अरे इसमें नया क्या है अंकल? अभी मुझे कुछ दिन पहले वायरल हुआ था। तब भी तो उन डॉक्टर अंकल ने यही सब कहा था।
नहीं बेटा आपको वायरल इंफेक्शन हुआ था। दोनों ही खांसने और छींकने से फैलते हैं। लेकिन यह बिमारी एपिडेमिक है । इसको लेकर बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि अभी तक इसका कोई इंजेक्शन और दवाई नहीं इजाद हुआ है। ओह तेरी। वह तो ठीक है अंकल। लेकिन जानवरों से क्यों दूर रहे? मम्मी बार-बार बोल रही है? क्या यह यहां पर किसी जानवर में हुआ है? असल में बेटा यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है।
तो अंकल इससे बचा भी तो जा सकता है। हां तभी तो तुम्हारी मम्मी बोल रही है कि थोड़ा सा दूर रहो। वैसे भी अब तो हमारी हेल्थ मिनिस्ट्री ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। क्या? मुझे भी बताइए। उनके मुताबिक, जब कहीं बाहर से आएं हाथों को साबुन से धोना चाहिए, वो भी 20 से 30 सैकेंड तक। सैनिटाइजर या अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छींकते समय नाक और मुंह, रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखना चाहिए। जिन लोगों में ठंड या फ्लू के लक्षण हैं उनसे दूर रहना चाहिए। कुछ दिनों के लिए अंडे और मांस का सेवन,जंगली और पालतू जानवरों के संपर्क में आने से भी बचें। बेटा, ‘प्रीवेंशन इज बेटर दैन क्योर’! सावधानी बहुत जरूरी है। (मुस्कुराते हुए)
अच्छा, तो यह बात है। ठीक है मैं ध्यान रखूंगा। मैं सब बच्चों को इस बारे में बताऊंगा। लेकिन अब यह तो बता दीजिए उस बंदर को क्या हुआ है।
कुछ नहीं बेटा। उसके गले में कुछ फंसा हुआ है। इसके कारण वह कुछ खा नहीं पा रहा। और इसकी आवाज भी नहीं निकल पा रही। शायद दो दिन हो गए इसको। इसलिए यह भूखा भी है। ओह नो। अब? कुछ नहीं सही हो जाएगा। इलाज चालू हो गया है। शाम को उससे मिलने आ जाना। लेकिन जो मैंने कहा ध्यान रखना। जरूर अंकल। प्रॉमिस।। ०
