सदाबहार नाश्ता
गरमी के मौसम में बहुत मसालेदार और तैलीय चीजें खाने का मन नहीं होता। इसलिए नाश्ते के तौर पर रोज-रोज परांठे, ब्रेड-आमलेट वगैरह खाना पसंद नहीं आता। इसी तरह दोपहर और रात के खाने में कुछ ऐसा भोजन पसंद आता है, जो सुपाच्य और स्वादिष्ट हो। खासकर बच्चों के लिए गरमी में कुछ बनाते समय अक्सर सोचना पड़ता है कि ऐसा क्या बनाएं जो उन्हें पसंद आए, चटपटा, स्वादिष्ट और सेहतमंद हो। इस बार कुछ ऐसी ही चीजें।
आलू के चीले
बेसन, दाल, सूजी वगैरह के चीले तो आप अक्सर बनाते हैं, पर आलू के चीले बना कर देखिए, बच्चों को बहुत पसंद आएगा। यह खाने में कुरकुरा, चटपटा और हल्का भी होता है, इसलिए गरमी में नाश्ते के तौर पर यह चीला बच्चों और बड़ों को भी बहुत पसंद आता है। आलू का चीला बनाना बहुत आसान है। इसे झटपट बनाया जा सकता है और इसके लिए बहुत सामग्री की भी जरूरत नहीं होती।
चीला बनाने के लिए कच्चे आलुओं को छील लें। आपको कितने चीले बनाने हैं, उसी के अनुसार आलू लें। छीलने के बाद आलुओं को थोड़ी देर पानी में डुबो कर रखें। फिर कद्दूकस करके उनके पतले लच्छे बना लें, जैसे मूली के परांठे या गाजर का हलवा बनाने के लिए मूली और गाजर को कद्दूकस करते हैं। अब कद्दूकस किए हुए आलुओं में थोड़ा-सा नमक, बारीक कटा हुआ धनिया पत्ता और महीन कटी हुई हरी मिर्चें डालें और सबको ठीक से मिला लें।
एक नॉनस्टिक तवा या पैन गरम करें। उसमें हल्का-सा तेल लगाएं और कद्दूकस किए हुए आलुओं को चीले की तरह फैला लें। आंच मद्धिम रखें। आलू आपस में चिपक कर चीले का रूप ले लेंगे। ऊपर से तेल डाल कर परांठे की तरह हल्का दबाते हुए फैलाएं। जब चीले की नीचे का हिस्सा सख्त होकर भूरे रंग का हो जाए तो चीले को पलट कर दूसरी तरफ से भी सेंक लें। कुरकुरा चीला तैयार है। इसके ऊपर चाट मसाला छिड़क कर खाने को परोसें।
साथ में
आपको लग रहा होगा कि केवल आलुओं से पेट तो भर जाएगा, पर उचित पोषण नहीं मिल पाएगा। तो, इसके लिए आलू के चीले के साथ परोसने के लिए सॉस या चटनी के बजाय निथरे हुए दही में खीरा, ककड़ी, अंकुरित मूंग, बारीक कटा टमाटर, अनान्नास के कुछ टुकड़े या हल्के उबले, कचकचे बीन्स, गोभी, गाजर, मटर आदि को मिला कर ऊपर से नमक, लाल मिर्च पाउडर, भुना जीरा पाउडर और आधा चम्मच चीनी या शहद मिला कर सलाद बना सकते हैं, जो आलू चीले के साथ बहुत स्वादिष्ट लगेगा और इससे भरपूर पोषण भी मिलेगा।

उत्तपम या उत्तपा
उत्तपम या उत्तपा सबको पसंद आने वाला दक्षिण भारतीय व्यंजन है। इसे नाश्ते और दोपहर या फिर रात के भोजन के तौर पर भी खा सकते हैं। उत्तपम की खासियत यह है कि इसमें चावल, दाल और सब्जियों के तत्त्व एक साथ मिल जाते हैं। उत्तपम भी एक प्रकार का चीला ही है, जो दक्षिण भारत में बहुत लोकप्रिय है। इसे सांभर और चटनी या फिर सिर्फ चटनी के साथ खाया जाता है। उत्तपम बनाने के लिए बाजार से डोसे का घोल खरीद लें। इस घोल में नमक और थोड़ा पानी मिला कर ठीक से फेंट लें। अब इसमें डालने के लिए आप अपनी इच्छा से सब्जियों का चुनाव कर सकते हैं। बहुत से लोग इसमें सिर्फ प्याज और टमाटर डाल कर खाना पसंद करते हैं। बहुत सारे लोग इसमें हरी सब्जियां डालना पसंद करते हैं। उत्तपम बनाने के लिए गाजर, फूल गोभी, बीन्स, टमाटर, हरी मटर, प्याज के पत्ते और जो भी सब्जी आपको पसंद हो, बारीक काट लें। एक नॉनस्टिक तवा गरम करें। उसमें हल्का-सा तेल लगाएं और डोसे के घोल की मोटी परत फैला दें। ऊपर से कटी हुई सिब्जयां डालें और उन्हें मद्धिम आंच पर पकने दें। जब उत्तपम की परत गाढ़ी होकर सूखने लगे तो चम्मच से सब्जियों को दबा कर चिपकाएं, ताकि पलटते और खाते समय ये गिरने न पाएं। जब उत्तपम किनारे छोड़ने लगे, तो समझिए की नीचे की परत ठीक से पक गई है। एक बार पलटे से उठा कर देखें, अगर नीचे का हिस्सा बादामी रंग का हो गया है तो सावधानी से उत्तपम को पलट कर दूसरी तरफ से भी पका लें। उत्तपम तैयार है।
साथ में
उत्तपम के साथ आमतौर पर नारियल की चटनी और सांभर खाया जाता है। नारियल की चटनी बनाने के लिए कच्चे नारियल के साथ कुछ भुनी हुई मूंगफली के दाने, थोड़े-से भुने और छिलके उतारे चने डालें। फिर नमक, साबुत जीरा, कुछ लहसुन की कलियां और एक-दो लाल या हरी मिर्चें डाल कर चटनी की तरह पीस लें। अगर सांभर बनाने का समय नहीं है, तो सिर्फ इस चटनी के साथ भी उत्तपम को खाया जा सकता है।
बाजार में गन पाउडर मिलता है, जो कई तरह की दालों, लाल मिर्च आदि को भून और पीस कर तैयार किया जाता है। यह भी एक प्रकार की लाल चटनी है। इस पाउडर में सिर्फ थोड़ा-सा खाने का तेल या देसी घी मिला कर आसानी से चटनी तैयार हो जाती है। उत्तपम के साथ यह चटनी बहुत स्वादिष्ट लगती है। अब देखिए, उत्तपम में कितनी सारी पोषक चीजें मिली हुई हैं। इस तरह यह एक संपूर्ण आहार है।

