चिड़ियों ने चीं-चीं-चीं गाना
किससे सीखा है
चांदी जैसा चंदा चमके
सूरज सोने जैसा दमके
हवा चले कैसे थम थमके
तारों ने बारात सजाना
किससे सीखा है
परियों जैसी हवा डोलती
तितली कैसे पंख खोलती
कोयल मीठे बोल बोलती
झींगुर ने झंकार बजाना
किससे सीखा है
डाली-डाली फूल विहंसते
झरझर झरने दिल में बसते
पौधे झुक कर करें नमस्ते
नदिया ने रह-रह लहराना
किससे सीखा है।
फहीम अहमद

