
1942 में अकालग्रस्त बंगाल की यात्रा के बाद उन्होंने रिपोर्ताज ‘तूफानों के बीच’ लिखा, जिसे खूब प्रसिद्ध मिली। साहित्य के…

1942 में अकालग्रस्त बंगाल की यात्रा के बाद उन्होंने रिपोर्ताज ‘तूफानों के बीच’ लिखा, जिसे खूब प्रसिद्ध मिली। साहित्य के…

पुराने जमाने में भारत जैसे परंपरागत देशों में तो बच्चों को दादा-दादी या नाना-नानी का और बच्चों को उनके व्यक्तित्व…

वे निरी भावुकता के कवि नहीं हैं। उनके यहां व्यंग्य से भरी बौद्धिकता है। यही कारण है कि उनकी शायरी…

बात-बात पर अपमान सहती मां ने पढ़ना-लिखना भाइयों से चिट्ठी-पतरी भर ही सीख पाया था, पर घर के काम निबटा…

सरकार की ओर से कोई ऐसी प्रभावी कोशिश नहीं की जा रही है, जिससे लोग तेजाब को लेकर जागरूक हों।…

दिल्ली विश्वविद्यालय में राइट आफ परसन विथ डिसएबिलिटी एक्ट 2016 है, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय में भी तेजाब से पीड़ित बच्चों…

अभी एक फिल्म आई है ‘छपाक’, जिसमें तेजाब हमले की पीड़िता के दर्द के माध्यम से लोगों में जागरूकता लाने…

नाटक के सभी प्रमुख पात्र बहुत जाने-पहचाने पात्र हैं। तुलसीदास भक्ति, समर्पण, भावनात्मकता, विद्वत्ता और कल्पना के धनी थे। राम…

मकर संक्रांति के बाद ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है। बसंत की आहट सुनाई देने लगती है। इस मौसम में…

लुई जब दस साल के हुए तब उनके पिता ने उन्हें पेरिस के रॉयल नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड यूथ में…

विटामिन-सी त्वचा के विकास, हड्डियों एवं दांतों के रखरखाव, आंखों को स्वस्थ रखने और घाव भरने में मदद करता है।…

संक्रांति का त्योहार पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। इस दिन पवित्र नदियों, सरोवरों में…