
वही खत मिला मुझे एक मुद्दत बाद


हिंदी के बारे में या उसके विरोध में जब भी कोई हलचल होती है, तो राजनीति का मुखौटा ओढ़े रहने…

मुझे ससुराल वापस मत भेजो।’ उषा बार-बार मां के आगे घिघिया रही थी। ‘वे सब मुझे मार डालेंगे।’

इंसान अपने लिए मकान तो बना लेता है और उसे घर में भी तब्दील कर देता है। मगर एक ऐसा…


बीती शाम से ही बारिश हो रही थी। बच्चे किसी तरह स्कूल पहुंचे। काश, आज पढ़ाई न होती।

आपको भी क्या कभी ऐसा लगता है कि अपने बच्चे को संभालना मुशिकल हो रहा है। या लगता है कि…

चिकित्सा विज्ञानियों का मानना है कि जो लोग किशोरावस्था से ही नियमित व्यायाम करते हैं, उनमें बुढ़ापे के लक्षण कम…


स्त्री विमर्श की वह छतरी, जिसके बारे में धारणा थी कि वह सभी स्त्रियों के समान अधिकार और आरक्षण दे…


उसने अंग्रेजी की इस इबारत का हिंदीकरण किया और नागरी में यों लिखा-‘सरकारी आंख का अस्पताल।’ हिंदी बेचारी मन मसोस…