नन्ही गुड़िया चली है देखो

निंदिया रानी के अंगना
चंदा-तारों का है देखो
सुंदर एक बिछौना

चमकीली सी और सुनहरी
है इक परियों की दुनिया
खिली हुई है महकी-महकी
देखो फूलों की बगिया

रंग-बिरंगी वहां पर तितली
फूलों पर मंडराती हैं
कोयल कुहू-कुहू करके
गीत सुरीले गाती है

नन्हे-नन्हे चमकीले से
नए-नवेले सपने हैं
चंदा तारे आसमान भी
वहां पर सारे अपने हैं

सुन-सुन नन्हीं सी गुड़िया
सुंदर सपनों में खो जा
निंदिया रानी करे प्रतीक्षा
आंखें मूंद के तू सो जा

कदम-कदम रखना डंट कर
हर सपना पूरा करना तू
बुला रहा है नया सवेरा
नित नई उड़ानें भरना तू

(राजकुमारी)