पूर्णबंदी में प्राकृतिक की खूबसूरती बढ़ रही है। आकाश नीला हो रहा है और पत्तों के रंग बदल रहे हैं। दुनियाभर में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। ऐसे में हम भी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर अपनी त्वचा की रंगत बढ़ा सकते हैं। हमारी त्वचा बेहद संवेदनशील है। यह एक तरह से हमारी सेहत का आईना भी है।
त्वचा और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपाली भारद्वाज का कहना है कि दुनियाभर में कोविड-19 के संक्रमण के कारण त्वचा में बदलाव देखा गया है। पिछले दिनों एक व्यक्ति ने त्वचा के रंगों में अंतर की शिकायत की थी, जिसके बाद उसमें कोरोना बीमारी देखी गई। अगर आपके फेफड़ों में संक्रमण है और आॅक्सीजन कम जा रहा है तो त्वचा का रंग हल्का नीला या हल्का भूरा या लाल होता दिख सकता है। इसलिए जरूरी है कि सावधान रहें और अपनी त्वचा की सेहत का ध्यान रखें।
तनाव से रहें दूर
यह समय तनाव में रहने का नहीं बल्कि प्रतिरोधकता बढ़ाने का है। अगर आप अपने घर में परिवार के बीच हैं तो तनाव बढ़ने का कोई कारण नहीं बनता। वहीं जिनके पास घर नहीं है या एक छोटे से कमरे में कई लोग रह रहे हैं, उन्हें इस दौरान तनाव हो सकता है। इस तनाव से छुटकारे के लिए आप बेसहारा और भूखे लोगों की मदद कर सकते हैं।
प्रतिरोधकता बढ़ाएं
इन दिनों लोगों के बीच एक मिथ प्रचलित हो रहा है कि जिनका कोविड-19 का टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव है, उन्हें कोरोना संक्रमण नहीं हो सकता। जबकि ऐसा नहीं है। नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट आने का मतलब है कि संभवत: आप उस समय संक्रमित नहीं थे जब आपका नमूना एकत्र किया गया या संक्रमण प्रारंभिक अवस्था में हो। इसलिए आप कोरोना के लक्षण, संक्रमण, अपनी विदेश यात्रा या सेहत से जुड़ी किसी भी बात को छुपाएं नहीं। क्योंकि इससे सिर्फ आपको नहीं बल्कि समाज को भी खतरा है।
यह समय खुद को स्वस्थ रखने और प्रतिरोधकता बढ़ाने का है। इसलिए अपने फेफड़ों की शक्ति बढ़ाएं। योग करें, प्राणायाम करें और पोषक आहार लें। लाल, पीला और बैंगनी रंग वाले भोजन को आहार में शमिल करें। इनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल और एंटीआॅक्सीडेंट होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधकता को बढ़ाते हैं।
त्वचा को रूखा न होंने दें
त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए जरूरी है कि त्वचा की मालिश की जाए, उसकी नमी बरकरार रखी जाए। इससे भी ज्यादा जरूरी है कि संतुलित और पोषक आहार लिया जाए। त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए शरीर में विटामिन, मिनरल और प्रोटीन की कमी न होने दें। खासकर विटामिन-डी, विटामिन-बी और विटामिन-सी की।
अगर आपकी त्वचा रूखी है तो त्वचा को नरम बनाए रखने का सबसे बेहतर तरीका है कि नहाने के बाद एक मग पानी में सरसों, बादाम, नारियल या विटामिन-ई वाले तेल की तीन से चार बूंदे डालें और फिर उस पानी से नहा लें। तेल वाले पानी का शरीर पर एक कोट बन जाएगा, इसे साफ न करें। आप जितना ज्यादा त्वचा को नॉरिस और मॉइस्चराइज करेंगे, त्वचा रूखेपन, एग्जिमा और एलर्जी से बची रहेगी।
कैसा हो आहार
यह समय घर से बाहर जाकर चुन-चुन कर सब्जियां और फल खरीदने का नहीं है। ऐसे में फूड सप्लीमेंट्स की तरफ जाया जा सकता है। हल्दी, एलोवेरा और स्प्रीलूना को आहार में शामिल करें। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा आंवला, आंवले का मुरब्बा, मेवे और दाल खाएं। सभी दालों में विभिन्न तरह के विटामिन और प्रोटीन होते हैं। अगर आप सभी दालों को मिलाकर आहार में शामिल करते हैं तो यह पूर्ण आहार बन जाता है। वहीं, अगर आपको इस बात की जानकारी है कि आपके शरीर में आयरन या विटामिन-डी की कमी है तो इसके सप्लीमेंट्स को आहार में जरूर शामिल करें।
कुछ घरेलू उपाय
’ अगर आप युवा हैं और चेहरे पर मुंहासों से परेशान हैं तो मुलतानी मिट्टी, गुलाब जल, नींबू का रस और पानी मिलाकर लेप तैयार करें। इसे लेप को चेहरे पर दो मिनट लगाकर छोड़ दें फिर पानी से धो लें। इस लेप को फेसवॉश के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
’ दिन में चेहरे पर मॉइस्चराइजर क्रीम लगाएं और हफ्ते में पांच या छह दिन ही नाइट क्रीम का प्रयोग करें।
’ अगर अपकी त्वचा सामान्य है तो दही और चंदन पाउडर का लेप बनाकर चेहरे पर लगाएं।
’ अगर आपकी त्वचा मिलीजुली यानी थोड़ी सी सामान्य और थोड़ी सी तैलीय है तो दही, नींबू का रस, चंदन पाउडर, मुलतानी मिट्टी का लेप बनाएं और इससे दिन में एक बार चेहरे को साफ करें।
’ अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो यह अच्छा समय है कि प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर त्वचा के रंग को निखारा जाए।
’ अगर चेहरे पर दाग-धब्बे हैं तो यह एकदम सही समय है इनसे छुटकारा पाने का। इसके लिए नींबू का रस, टमाटर का रस और चंदन पाउडर मिलाकर लेप बनाएं और चेहरे पर लगाएं। इसे दस से पंद्रह मिनट लगाए और बाद में पानी से धो लें। साथ ही ऐसे फेसवॉश का इस्तेमाल करें जो विटामिन-सी युक्त हो। रात में सोने से पहले चेहरे पर ऐलोवेरा जेल लगा कर सोएं। ऐसा करते रहने से चेहरे के दाग-धब्बे खत्म हो जाएंगे।
