प्रकीर्तिमा
रूसी को आप सिर का रोग भी कह सकते हैं? इसमें सिर की तवचा और बालों में छोटी-छोटी पपड़ियां जम जाती हैं। चिकित्सा विज्ञान को अब भी रूसी होने का असल कारण मालूम नहीं है। लेकिन जो ज्यादा साक्ष्य मिले हैं, उनसे संकेत मिलता है कि कोई संक्रमण इसकी वजह नहीं होता। हालांकि, उस चीज के बारे में भी मालूम नहीं हो सका है जिसके कारण इस किस्म का संक्रमण होता है। लेकिन एक बात मालूम है कि जहां रूसी होती है, वहां हमेशा कुछ ग्रंथियां को अत्यधिक सक्रियता होती है, जो कि बालों की जड़ों से जुड़े होते हैं। इन ग्रंथियों को सीबेशियस ग्लैंड्स कहते हैं, जो एक तैलीय पदार्थ सीबम का उत्पादन करते हैं। इसी तैलीय पदार्थ के कारण रूसी की पपड़ियां चिकनी हो जाती हैं। इसी की वजह से सिर में खुजली भी होती है। कभी कभी रूसी की स्थिति ऐसी भी हो जाती है कि सिर की त्वचा में सामान्य से अधिक बैक्टीरिया या फंगी हो जाता है, लेकिन उसका रूसी यानी डैंड्रफ पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। जीवाणु से स्थिति जटिल हो जाती है।
फिर अगर रूसी के कारण तीव्र खुजली मचे और व्यक्ति खुजाने लगे तो इससे संक्रमण हो जाता है क्योंकि जीवाणु त्वचा के टूटे हुए हिस्से में प्रवेश कर जाते हैं और इस तरह वहां घाव बन जाता है। रूसी से बचने का साधारण तरीका यही है कि अगर यह हल्की है तो सिर को सप्ताह में एक या दो बार धोने से और मसाज करने से मदद मिल सकती है क्योंकि इससे अतिरिक्त तेल और पपड़ियां फट जाती हैं। बहुत से मामलों में रूसी नियंत्रण के जो लोशन तैयार किए जाते हैं वे भी मदद करते हैं। अगर बहुत ज्यादा रूसी हो रही हो, तो चिकित्सक के पास जाना चाहिए।

