आमतौर पर किशोरावस्था में मुंहासे सभी को निकलते हैं। कुछ को कम, कुछ को अधिक। यह एक शारीरिक प्रक्रिया है। इससे पार पाने के लिए बहुत से लोग तरह-तरह की क्रीम और लोशन वगैरह का उपयोग करते हैं। इस प्रवृत्ति को ही ध्यान में रख कर बाजार में कील-मुंहासे दूर करने वाली अनेक क्रीमें उतारी जाती हैं। मुंहासों को खत्म करने का दावा करने वाले विज्ञापन रोज बजते रहते हैं। मगर हकीकत यह है कि इन उत्पादों से कई बार समस्या दूर होने की बजाय और बढ़ जाती है। तो, जरूरी है यह जानना कि मुंहासे क्यों होते हैं। इन कारणों से परिचित हो लें, तो मुंहासों से पार पाना आसान हो जाएगा।

अम्लीय खाद्य पदार्थ: भोजन में अधिक मसाले, तेल, घी, मिर्च आदि के प्रयोग से पेट में अम्लता बढ़ जाती है। अम्लता बढ़ने के कारण भी मुंहासे निकलते हैं।

वसा ग्रंथियों का स्राव रुकना: एलोपैथिक चिकित्सा विज्ञान के मुताबिक मुंहासों का एक कारण वसा ग्रंथियों से निकलने वाले स्राव का रुकना माना गया है। अगर यह स्राव रुक जाए ,तो फुंसी के रूप में त्वचा के नीचे इकट्ठा हो जाता है और कठोर हो जाने पर मुंहासा बन जाता है।

हार्मोन में परिवर्तन: जब बच्चे बड़े होते हैं तब उनके शरीर में आंतरिक और बाहरी दोनों स्तर पर हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों के कारण शरीर में गर्मी बढ़ जाती है और गर्मी के कारण कील या मुंहासे निकलते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मुंहासे ज्यादा निकलते हैं, क्योंकि उनमें अनियमित मासिक धर्म चक्र, गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तन या गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन शुरू करने या बंद करने से भी इसकी मात्रा बढ़ जाती है, जो मुंहासों का कारण बनता है।

त्वचा साफ न करना: कई बार जब हम त्वचा को साफ किए बिना सो जाते हैं या अन्य कामों में लग जाते हैं तो चेहरे पर गंदगी जमा हो जाती है। फिर वही गंदगी धीरे-धीरे मुंहासे का कारण बनती है। इसलिए जरूरी है कि चेहरे को हमेशा धूल-मिट्टी आदि से दूर रखें।

सौंदर्य सामग्री का अधिक प्रयोग: जो लोग क्रीम, कॉस्मेटिक, लोशन, फाउंडेशन आदि जैसे सौंदर्य प्रसाधन का अधिक इस्तेमाल करते हैं उन्हें मुंहासे अधिक होते हैं, क्योंकि यह जरूरी नहीं कि जो उत्पाद वे इस्तेमाल कर रहे हैं वे उनकी त्वचा के लिए सही हों।

एक ही तकिए का उपयोग: जब आप एक तकिया का एक ही कवर के साथ इस्तेमाल करते हैं तो उस कवर में आपके बालों का तेल और डैंड्रफ लगातार लगता रहता है। यह तेल और रूसी आपके चेहरे पर चिपक कर फंगस बनाते हैं। यह चेहरे के लिए खतरनाक साबित होती है।

बचाव के उपाय:मुंहासे से छुटकारे के लिए जरूरी है कि आपके भोजन में पोषक तत्त्वों शामिल हों। अगर आप अपने भोजन में रेशेदार यानी फाइबर युक्त भोजन को शामिल करेंगे तो यह आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाएगा। इससे आपको सिर्फ मुंहासे नहीं, अन्य बीमारियों से भी लड़ने में मदद मिलेगी। यह फाइबर हमें फल और हरी सब्जियों से मिलता है।

पानी ज्यादा पीएं: वैसे तो भरपूर मात्रा में पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है। अगर आप एक दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पीते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा रहेगा। अगर आप मुंहासों की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। इससे आपके चेहरे की चमक बढ़ेगी और रूखापन दूर होगा।

दूध से बनाएं दूरी: मुंहासे दूर करने के लिए दूध से दूरी बनाएं। दूध से बने उत्पादों का इस्तेमाल कम से कम करें।

चेहरे को साफ रखें: मुंहासों से बचने का सबसे सही तरीका है कि चेहरे को साफ रखा जाए। प्रदूषण से चेहरे को दूर रखें। लगातार चेहरा साफ करते रहें।

फल और हरी सब्जियां: हरी सब्जियां और फल केवल चेहरे के लिए नहीं, पूरे शरीर के लिए सेहतमंद होते हैं। चेरी, खुबानी, सेब और केले जैसे फल मुंहासे के इलाज के लिए अच्छे माने जाते हैं।

एलोवेरा का गूदा: एलोवेरा आपके शरीर के लिए कई तरह से उपयोगी होता है। इसका गूदा अगर आप दिन में दो बार लगाते हैं, तो इससे आपके चेहरे के मुंहासे तो खत्म होंगे ही, चेहरा भी चमकदार हो जाएगा।

शहद: शहद एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसे लगाने से आपके मुंहासे खत्म हो जाते हैं। इसे अपने मुंहासों पर हफ्ते भर रोज लगाइए। दस मिनट रखने के बाद गरम पानी से धो लें। इससे आपके मुंहासे जल्दी खत्म हो जाएंगे।