प्यार चाहिए

कौन किसका हुआ है
पेड़ों से पूछो
धरती से जानो
है कोई तुम्हारा
पहाड़ों से बतियाएं
प्यार करता है तुमसे कोई
जंगलों की व्यथा भी यही है
नहीं छोड़ता कोई इनको

सबका एक ही स्वर
नहीं करता हमसे कोई प्यार
तोड़ना चाहते हैं
काट देते हैं हमको
हर कोई अधिकार
चाहता है हम पर

हमें प्यार चाहिए
हमको अनुराग चाहिए
आपका साथ चाहिए ।

भीतर की आवाज

कितनी मनमोहक होती है न
भीतर से निकली आवाज
शरीर से जीवन में चली जाती है
जीवन भर साथ रहती है
भीतर की आवाज

शांत सुहानी
सुखदायक, सुख-दुख में
साथ निभाती भीतर की आवाज

अनजान घर में
हरे हो या सूखे पेड़ों में
समंदर हो या बहती नदी में
भीतर का मौन
भीतर की आवाज बन कर

जीवन की आवाज बनती है!

रात

ठहरना चाहती है
वह अंधेरी रात
उजली होने से पहले
सन्नाटा तोड़ने का
ऐसा असफल प्रयास
कितनी बार करेगी
वह रात

स्वयं को विराट
के पैमाने पर स्थापित करती
अंधेरी काली रात
पृथ्वी को अपनी गहराई का
प्रमाण देने की ख्वाहिश
उस काली रात को
उजाले से पहले

जिंदगी के तमाम गहरे रिश्ते
उस रात को रोशन करने की लालसा
मन की खाइयों में गोता लगा कर
बैठ जाते हैं
अंधेरी रात में
उजली होने से पहले!