मानस मनोहर
गोभी मंचूरियन
यों मंचूरियन चावल या नूडल्स के साथ खाया जाता है, पर मंचूरियन पकौड़ों को नाश्ते के तौर पर सूखा भी खाने का चलन है। नाश्ते के तौर पर जब मंचूरियन बनाएं, तो फूल गोभी के बनाएं, बहुत स्वादिष्ट बनता है। जब घर में कोई दावत रखें या मेहमान आ जाएं, तो गोभी मंचूरियन परोसना नाश्ते का अच्छा विकल्प होता है। गोभी मंचूरियन बनाने के लिए पहले फूल गोभी को टुकड़ों में काट लें। उबलते नमक मिले पानी में तीन से चार मिनट के लिए डाल कर छोड़ें और फिर उसे छान कर तुरंत बिल्कुल ठंडे पानी में डाल कर छोड़ दें। जब गोभी के टुकड़े पूरी तरह ठंडे हो जाएं तो उन्हें छान लीजिए और एक सूखे कपड़े पर फैला कर उनका पूरा पानी सूख जाने दें।
अब एक बड़े कटोरे में थोड़ा मैदा और थोड़ा कार्न फ्लोर लें। ध्यान रखें कि इन दोनों की मात्रा गोभी के टुकड़ों के अनुपात में हो। इतनी मात्रा रखें, जिससे गोभी के टुकड़े पूरी तरह उसके घोल में लिपट सकें। इसमें स्वाद के अनुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, लहसुन और अदरक का पेस्ट डालें। थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। फिर इस घोल में गोभी के टुकड़े डाल कर चम्मच की मदद से ठीक से मिला लें। ध्यान रखें कि घोल गोभी के हर टुकड़े पर पूरी तरह चिपक जाए। घोल पतला हो, तो थोड़ा और मैदा डाल कर गाढ़ा कर लें। एक कड़ाही में तेल गरम करें और गोभी का एक-एक टुकड़ा डालते हुए सुनहरा होने तक तलें। तले हुए गोभी के टुकड़ों को अलग रख दें।
अब इसकी ग्रेवी बनाने की तैयारी कर लें। इसके लिए एक-दो हरे प्याज के पत्तों को बारीक काट लें। शिमला मिर्च और प्याज के बड़े चौकोर टुकड़े काटें। अगर तीखा पसंद करते हों, तो कुछ हरी मिर्चें भी बीच से फाड़ कर रख लें। एक कटोरी में चार-पांच चम्मच पानी में दो-चीन चम्मच कार्न फ्लोर घोल लें। इसके अलावा इस ग्रेवी में डालने के लिए सोया सॉस, टोमैटो सॉस, लाल मिर्च पाउडर और लहसुन-अदरक पेस्ट की भी जरूरत पड़ेगी।
फिर एक अलग कड़ाही में दो चम्मच तेल गरम करें। उसमें हरा प्याज और चौकोर कटे प्याज-शिमला मिर्च के टुकड़े डाल कर चलाते रहें। थोड़ी देर बाद इन टुकड़ों को निकाल कर तली हुई गोभी के साथ रख दें। अब उसी कड़ाही में पहले लहसुन-अदरक का पेस्ट भूनें और फिर दो चम्मच सोया सॉस, तीन-चार चम्मच टोमैटो सॉस डाल कर चलाते रहें। फिर कार्न फ्लोर का घोल डालें और चलाते हुए पकाएं। इसी समय एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें और घोल को तब तक पकाते रहें, जब तक वह गाढ़ा न हो जाए। ग्रेवी में पड़ने वाली चीजों की मात्रा आप गोभी की मात्रा के अनुसार घटा-बढ़ा सकते हैं। अब इसमें तली हुई गोभी और सब्जियां डाल कर मिला लें। ध्यान रखें कि ग्रेवी पतली न हो और गोभी तथा सब्जियों पर पूरी तरह उसकी परत चढ़ जाए। गोभी मंचूरियन तैयार है। इसे गरमागरम परोसें। दही वाली अरबी
रबी की सब्जी कई तरह से बनती है। इसे देश के हर हिस्से में पसंद किया जाता है। हालांकि जिन लोगों को गठिया और वायु विकार है, उन्हें अरबी खाने से परहेज करना चाहिए। वैसे अरबी हर मौसम में खाई जा सकने वाली सदाबहार सब्जी है। कई लोग इसकी सूखी सब्जी खाना पसंद करते हैं, तो कुछ लोग इसे रसेदार बना कर खाते हैं। पर दही वाली अरबी का मजा ही अलग होता है।
दही वाली अरबी बनाना आसान है। इसके लिए पहले अरबी को नमक और इमली या खटाई मिले पानी में नरम होने तक उबाल लें। फिर छिलका उतार कर एक कड़ाही में तीन-चार चम्मच तेल गरम करें और उसमें अरबी की परत सख्त होने तक तल लें।
अब इसकी ग्रेवी तैयार करें। इसके लिए सबसे पहले महीन कपड़े में दही को निथार लें। फिर उसे मथ कर एकसार कर लें। उसी में लाल मिर्च पाउडर और गरम मसाला भी डाल कर मथ लें। थोड़ी देर को रख दें। अब एक प्याज को बारीक-बारीक काट लें। जिस कड़ाही में अरबी तला था, उसमें दो-तीन चम्मच तेल और डाल कर गरम करें। उसमें जीरा और अजवाइन का तड़का लगाएं। अरबी की सब्जी में अजवाइन का तड़का जरूरी होता है। फिर थोड़ा हींग पाउडर डालें और तड़का तैयार हो जाए, तो उसमें बारीक कटा प्याज डालें और चलाते हुए लुनहरा होने तक भून लें। अब उसमें हल्दी पाउडर डालें और चला लें। फिर दही का पेस्ट डाल कर चलाते हुए धीमी आंच पर पकाएं, ताकि दही फटने न पाए। पेस्ट गाढ़ा होने लगे, तभी तली हुई अरबी डालें और उबाल आने तक पकने दें। जरूरत भर का नमक डालें और ऊपर से हरा धनिया, हरी मिर्च और अदरक के लच्छे डाल कर रोटी या परांठे के साथ परोसें।

