बरसात में बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा जाता है। मक्खी-मच्छरों से फैलने वाले रोगों के साथ इस मौसम में अधिकतर रोग दूषित खानपान से फैलते हैं। सड़कों के किनारे खुले में बिकने वाली ज्यादातर खाने-पीने की चीजें दूषित होती हैं। हालांकि इस मौसम में सावधानी न बरती जाए, तो पांच सितारा होटल या घर का खाना भी आपको बीमार कर सकता है। ऐसे में बरसात के दौरान भोजन की स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।
बाहर का खाना
इस मौसम में ठेले, ढाबों की चाट-पकौड़ी, भेल देख कर मुंह में पानी भर जाता है। लेकिन ऐसा खाना आपको बीमार कर सकता है। कारण कि सड़क किनारे या होटलों में खाना पकाने से परोसने तक साफ-सफाई का खास ध्यान नहीं रखा जाता है। खाना पकाने से लेकर खिलाने तक की सारी प्रक्रिया खुले में होती है, जिसमें सड़कों की धूल-मिट्टी तो पड़ती ही है, मक्खी, मच्छर और कीड़े खानों पर बैठ कर दूषित कर देते हैं। भोजन देर तक रखा रहे, तो उसमें अपने आप हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। समोसे, पकौड़े या चाट वगैरह की सामग्री दुकान वाले सुबह ही तैयार कर लेते हैं, जिसका दिन भर उपयोग करते रहते हैं। इस तरह उसमें बैक्टीरिया के पैदा होने का खतरा अधिक रहता है। दूषित खाने से हैजा, फूड प्वाइजनिंग और पेट का संक्रमण, पीलिया और पेट खराब होने का डर होता है। इसलिए जितना हो सके इस मौसम में बाहर का बना भोजन खाने से बचना चाहिए।
साफ पानी पीएं
सबसे ज्यादा बीमारियां पानी से फैलती हैं। वहीं बरसात में दूषित पानी से बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लगातार बारिश के कारण भूजल का स्तर बढ़ जाता है, जो हैंडपंप आदि से मिलने वाले स्वच्छ पानी को भी प्रभावित करता है। वहीं जगह-जगह पानी के पाइप से रिसाव होने के कारण गंदगी पानी में घुल जाती है, जो लोगों को बीमार बनाती है। इसलिए बरसात में फिल्टर्ड पानी का प्रयोग करना चाहिए। अगर फिल्टर्ड नहीं हो तो पानी उबाल कर ठंडा कर पीएं। इस मौसम में किसी कारणवश बाहर का खाना खाना पड़े तो खाएं, लेकिन पानी हमेशा स्वच्छ पीएं। खुले पानी या ठेले पर मिलने वाले पानी के बजाय बोतल बंद पानी का इस्तेमाल करें।
फलों का रस न पीएं
इस मौसम में जितना हो सके बाहर का फलों का रस, गोला, कुल्फी और नींबू पानी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बीमार होने का खतरा होता है।
घर का खाना
बरसात में फूड पवॉइजनिंग या फूड इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वातावरण में बारिश और उमस भरी गर्मी या फिर अचानक ठंड होने से घर में पका खाना भी ज्यादा समय तक नहीं टिकता और चार से पांच घंटे में खराब हो जाता है। इसलिए इस मौसम में बासी भोजन खाने से बचना चाहिए। अगर सुबह बनी सब्जी, दाल या चावल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहले सूंघ कर खाने की जांच करें, फिर उसका इस्तेमाल करें।
हाथ की सफाई
इस मौसम में कुछ भी खाने से पहले हाथ को जरूर धोएं। दरअसल, हाथों में सूक्ष्म कीटाणु चिपके होते हैं, जो भोजन के साथ पेट में जाकर आपको बीमार कर सकते हैं। इसलिए खाना खाने से पहले हाथों को साबुन या हैंडवॉश से अच्छी तरह साफ करें।
साग-सब्जी
बरसात में हरा साग, फूल गोभी, पत्ता गोभी जैसी सब्जियां ज्यादा नहीं खानी चाहिए। दरअसल, बरसात में इन सब्जियों में छोटे-छोटे कीड़े चिपके होते हैं, जिससे पेट खराब हो सकता है। इस मौसम में खुले में रखे कटे हुए फलों को भी नहीं खाना चाहिए। खुले में रखे फल-सब्जियों पर मक्खी-मच्छर बैठ कर उन्हें दूषित कर देते हैं, जिनसे उल्टी, दस्त, हैजा जैसी बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। बारिश के मौसम में आम में कीड़े हो सकते हैं, इसलिए आम संभल कर खाएं।
नुस्खे जो बरसात में रखें बीमारियों से दूर
’संतुलित और प्रोटीन युक्त आहार लें।
’ताजा फल और साफ पानी पीएं।
’खाना हमेशा ढंक कर रखें और केवल ढंका हुआ साफ-स्वच्छ और ताजा भोजन ही ग्रहण करें।
’घर में सफाई का खयाल रखें।
’बरसात में घर में पानी इकट्ठा न होने दें। बारिश की वजह से घर के कोनों और गमलों में पानी जमा हो जाता है। चिकनगुनियां और डेंगू के मच्छर इसी साफ पानी में पैदा होते हैं। इसलिए घर में एसी, गमले या कूलर में पानी को जमा न होने दें।
’किचन को भी साफ-सुथरा रखें।

