मानस मनोहर
सर्दी के मौसम में गरमागरम, तीखा और चटपटा खाने की इच्छा बहुत होती है। इससे शरीर को गरमी भी मिलती है। बाजार में जब ऐसी चीजें दिखती हैं तो मुंह में पानी आ जाता है। तो क्यों न घर में ही झटपट कुछ तीखा और चटपटा ऐसा बनाएं, जो सर्दी में सेहत की दृष्टि से भी अच्छा हो और स्वाद भी भरपूर दे। चिली पोटैटो और गोभी का सूखा मंचूुरियन ऐसे ही कुछ तीखे और चटपटे व्यंजन हैं, जो घर पर बहुत आसानी से और झटपट बनाए जा सकते हैं।
तीखा चटपटा आलू
सर्दी में आलू के व्यंजन बहुत भाते हैं। चाहे वह आलू की टिक्की हो, सूखे मसालेदार आलू हों, आलू दम या आलू के परांठे। यह हर घर में उपलब्ध रहता है। बच्चे भी बहुत चाव से आलू से बने चटपटे व्यंजन खाते हैं। बाजार में बना चिली पोटैटो तो खाने के लिए अक्सर जिद करते हैं। मगर बाजार का चिली पोटैटो खाने या बच्चों को खिलाने से बेहतर है कि घर पर ही सेहत से भरपूर सूखा चटपटा आलू यानी चिली पोटैटो बनाया जाए। इसे बनाना बहुत आसान है। इसके लिए बहुत सामग्री की भी जरूरत नहीं पड़ती, न अधिक कौशल की। सूखा चटपटा आलू बनाने के लिए बड़े आकार के आलू लें। आलुओं का छिलका उतार लें और उन्हें लंबे-लंबे आकार में काट लें, जैसे फिंगर चिप्स के लिए काटते हैं। इन कटे आलुओं को पानी में भिगो कर रखें, नहीं तो काले पड़ने लगेंगे। फिर एक शिमला मिर्च और एक बड़े आकार के प्याज को बड़े चौकोर आकार में काट लें और प्याज की हर परत को अलग-अलग कर लें।
अब एक कड़ाही में तलने के लिए भरपूर तेल गरम करें। इसमें कटे हुए आलुओं को तलना है। जब तक तेल गरम हो रहा है, आलुओं को बाहर निकाल कर पानी निथार लें। उस पर एक से दो चम्मच मैदा, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर थोड़ा-सा नमक डाल कर ठीक से मिला लें, ताकि मैदा सारे आलुओं पर चिपक जाए। इस तरह आलू कुरकुरे बने रहते हैं और खाने का आनंद बढ़ जाता है।
जब तेल खूब गरम हो जाए, तो उसमें आलुओं को डालें और चम्मच से उन्हें चला कर अलग कर दें, ताकि आपस में चिपकने न पाएं। आंच को मध्यम कर दें और आलुओं को सुनहरा होने तक तलें। जब आलू तल जाएं तो प्याज और शिमला मिर्च को भी तेज गरम तेल में अलग-अलग डालें और करीब तीस सेकेंड के लिए तलने के बाद बाहर निकाल लें, ताकि इनका कचकचापन बना रहे। इन्हें तले हुए आलुओं के साथ ही रखें। इन आलुओं को चटपटा बनाने की तैयारी कर लें। एक कटोरी में एक चम्मच कार्नफ्लोर लेकर घोल लें। उसी में जरूरत भर का नमक, अपने स्वाद के अनुसार तीखापन लाने के लिए कुटी लाल मिर्च और पांच-छह काली मिर्चें कूट कर डाल दें। इसी में एक चम्मच चीनी भी मिला दें। इसे अलग रख दें।
अब दो कली लहसुन और आधा से एक इंच अदरक लेकर कूट लें। एक कड़ाही में एक चम्मच तेल गरम करें और उसमें कुटे हुए अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और चलाते हुए पकाएं। ध्यान रखें कि अदरक-लहसुन जलने न पाए। अब इसी में अरारोट का घोल डालें और चलाते हुए पकने दें। जब इसमें उबाल आने लगे, तो तीन से चार चम्मच टोमैटो सॉस और एक चम्मच वेनेगर डालें और चलाते हुए थोड़ी देर पकाएं। जब घोल गाढ़ा होने लगे, तो उसमें तले हुए आलुओं को डालें और चलाते हुए ठीक से मिलाएं, ताकि घोल सारे आलुओं पर चिपक जाए। सब सारा घोल चिपक कर सूख जाए, तो आंच बंद कर दें। ऊपर से हरा धनिया काट कर गरमा-गरम परोसें।
सूखी चटपटी फूल गोभी
फूल गोभी के पकौड़े, सब्जी, परांठे वगैरह तो बहुत खाए होंगे, पर सूखी चटपटी गोभी का अपना आनंद है। फूल गोभी के बड़े-बड़े टुकड़े कर लें। इन्हें नमक मिले गरम पानी में डाल कर दे-तीन मिनट के लिए छोड़ें और फिर बाहर निकाल कर पानी निथार लें। इन्हें ठंडा होने दें। फिर जैसे आलुओं के साथ डालने के लिए शिमला मिर्च और प्याज काटे थे, वैसे ही इसमें डालने के लिए भी काट लें।
अब इन गोभियों पर परत चढ़ाने के लिए एक बड़े कटोरे में मैदा लें। जितनी गोभी ली है, उसी के अनुपात में मैदा लें। इसमें नमक और एक चम्मच कुटी लाल मिर्च डालें और गाढ़ा घोल बना लें। ध्यान रखें कि घोल पतला होगा तो गोभी पर ठीक से नहीं चढ़ेगा।
अब एक कड़ाही में तेल गरम करें। गोभियों को मैदे के घोल में डुबो कर गरम तेल में डालते जाएं और फिर आंच मध्यम कर दें। सुनहरा होने तक गोभियों को तलें। अधिक कुरकुरा बनाने का एक तरीका यह हो सकता है कि पहले गोभियों को आधा तलें और फिर दुबारा गाढ़ा सुनहरा रंग आने तक तलें। गोभियों को तलने के बाद प्याज और शिमला मिर्च को भी बिना मैदा का घोल लगाए आधा मिनट के लिए तेज आंच पर तल लें।
फिर एक अलग कड़ाही में उसी प्रकार ग्रेवी तैयार करें जैसे तीखे चटपटे आलुओं के लिए तैयार किया था। उस ग्रेवी में तले हुए गोभी के टुकड़ों को डालें और उन्हें चलाते हुए ग्रेवी को सभी टुकड़ों पर ठीक से लपेट लें। जब ग्रेवी ठीक से लिपट और सूख जाए, तो ऊपर से हरा धनिया डाल कर गरमागरम खाने को परोसें।

