मानस मनोहर
यह कच्चे आम का मौसम है। पके आमों के प्रति दीवानगी तो सब में होती है, पर कच्चे आम का आनंद भी कम नहीं होता। अलग-अलग इलाकों में कच्चे आम के तरह-तरह के व्यंजन बनते हैं। आम की चटनी, अचार और पना तो सबको प्रिय होते हैं। इस मौसम में इनके अलावा भी कई व्यंजन बनाए जा सकते हैं। इस बार कच्चे आम के कुछ पारंपरिक व्यंजन।
आम पना: आम पना गरमी में शरीर को ठंडक और पाचन तंत्र को शक्ति देता है। यह हर इलाके में बनाया और पीया जाता है। इसे बनाने का पारंपरिक तरीका तो यह है कि छिलके समेत ताजा कच्चे आमों को आग में भून लिया जाए और फिर उसका गूदा निचोड़ कर उसमें चीनी या गुड़ और जीरा, काला नमक, पुदीना आदि मिला कर शर्बत बना लिया जाए। मगर शहरों में आग में भूनना संभव नहीं होता। इसलिए आम का छिलका उतार कर, गुठली निकालें और प्रेशर कुकर में थोड़ा पानी डाल कर उसे दो-तीन सीटी तक उबाल लें। फिर तवा गरम करें। उस पर एक-एक चम्मच साबुत जीरा, धनिया और सौंफ डाल कर गरम करें (भूनें नहीं)। तवे से उतार कर ग्राइंडर या खरल में पीस कर पाउडर बना लें। इस पाउडर को उबले हुए आम के गूदे में मिलाएं। फिर कुछ पुदीने के पत्ते और स्वाद के अनुसार काला नमक डालें। फिर चीनी डाल कर मिक्सर में पीस लें। इस मिश्रण को बोतल में भर कर रख सकते हैं। जब आम पना पीना हो, बोतल से गिलास में मिश्रण निकालें और पानी मिला कर पी लें।

लौंजी: लौंजी को बिहार, उत्तर प्रदेश के इलाके में गुरमा भी कहते हैं। यह एक प्रकार से सब्जी और चटनी का मिला-जुला रूप है। इसे बनाना बहुत आसान है। कच्चे आम का छिलका उतार लें। उसे बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें। अब एक कड़ाही में एक चम्मच देसी गी गरम करें। उसमें साबुत धनिया, जीरा, लाल मिर्च और सौंफ का तड़का लगाएं। अगर चाहें तो कुछ कढ़ी पत्ते भी डाल सकते हैं। तड़का तैयार हो जाए तो उसमें आम के टुकड़े डाल कर चला लें। पांच मिनट बाद उसमें काला नमक, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च और आम के वजन के बराबर गुड़ डाल कर इतना पानी डालें, जिससे गुड़ और आम ढक जाए। कड़ाही पर ढक्कन लगा दें। पंद्रह से बीस मिनट पकाएं। आम नरम हो जाए और गुड़ के साथ मिल कर रसेदार सब्जी की तरह लगने लगे, तो आंच बंद कर दें। इसके साथ रोटी या परांठा खा सकते हैं। यह सब्जी, अचार, चटनी तीनों के विकल्प के तौर पर काम आता है। स्वाद तो लाजवाब होता ही है।

हरियाली चटनी: शायद ही कोई हो, जिसे कच्चे आम की चटनी न पसंद आती हो। यह चटनी बनाने के लिए आम का छिलका उतार कर गूदा अलग कर लें। गूदे को मिक्सर में डालें। आम के अनुपात में पुदीने के ताजा पत्ते भी डाल लें। इसके साथ एक चम्मच चीनी, सौंफ, साबुत धनिया और जीरा डालें। फिर कुछ हरी मिर्चें और नमक डाल कर चटनी पीस लें। गरमी के मौसम में यह चटनी स्वाद और सेहत के लिहाज से लाजवाब होती है। इसे रोजमर्रा भोजन के साथ खाया जा सकता है, पकौड़े आदि के साथ भी इसका तालमेल बहुत अच्छा बैठता है।

मीठी चटनी: इसे कुछ लोग मीठा अचार भी कहते हैं। इस चटनी को लंबे समय तक रख सकते हैं, खराब नहीं होती। इसे बनाने के लिए छिलके उतारे कच्चे आमों को लच्छे की तरह या छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। फिर एक कड़ाही में एक से दो चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें सौंफ, जीरा, साबुत धनिया और साबुत लाल मिर्च का तड़का लगाएं। तड़का तैयार हो जाए तो उसमें आम के लच्छे डाल कर चलाएं। पांच मिनट बाद इसमें एक चम्मच काला नमक, एक चम्मच धनिया पाउडर, एक चम्मच कुटी लाल मिर्च या आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाएं। ऊपर से आम के वजन के बराबर गुड़ या चीनी डाल दें। थोड़ी देर कड़ाही को ढंक कर रखें। जब आम पक कर नरम हो जाए और चीनी या गुड़ पिघल कर उसमें पूरी तरह घुलमिल कर जेली जैसा बन जाए तो आंच बंद कर दें। इस चटनी को कांच के जार में बंद कर रखें, रोटी, परांठे या दाल-चावल जिसके भी साथ चाहें, खाएं, लाजवाब स्वाद आएगा।

