हंसता हुआ बाजार
बाजार से गुजर रहा हूं मैं
मुझे देख कर मुस्कराने लगा है बाजार
एक खुशी की लहर-सी दौड़ गई है
बाजार की आंखों में…..
मुझे नहीं पता कि मैं हार रहा हूं
या हरा रहा हूं बाजार को
मेरे पीछे का बाजार
मुझे बिना बरसे हुए बादल की तरह
आगे बढ़ जाते हुए देख कर
उदास होने से बचने के लिए
मुझे भूलने की कोशिश कर रहा है…
मैं खुश हो रहा हूं कि बाजार
मुझे देख कर खुश है
मैं कुछ खरीदते हुए रुपए नहीं
खुशियां लुटा रहा हूं बाजार में…
बेरोजगारी के दिनों से ही
मैं अपने पिता से रुपए मांग-मांग कर
जीतने की असफल कोशिश करता रहा हूं बाजार को
बाजार हर बार मुझे चढ़ाने और चिढ़ाने की कोशिश
करता रहा है… हर खरीदारी के बाद
इस अपमानपूर्ण अभिवादन के साथ
विदा करता रहा है… कहता रहा है- बस! इतना ही…
नौकरी पाने के बाद भी
पूरे महीने अपमानित होने के बाद
जब मैं पूरी तैयारी के साथ
वापस लौटता हूं बाजार से मुठभेड़ के लिए
फिर एक नई मुस्कान के साथ
मुझे जीतने के लिए
अपनी लड़ाई के हथियार बदल चुका होता है बाजार…
हर बार सोचता हूं कि अगली बार
जीत ही लूंगा मैं बाजार को
हर बार मुझे अच्छी तरह मूड़ने या दुहने के बाद
गड़ेरिए या ग्वाले की तरह छोड़ देता है मुझे बाजार
ऊन और दूध की तरह
रुपयों की फिर नई फसल के लिए…
बाजार में उत्सव
बाजार में उत्सव है और
उत्सव में है बाजार
उत्सव में बाजार हंसी बेच रहा है और
नाच बेच रहा है…
उत्सव में बाजार हंस रहा है
नाच रहा है… थिरक रहा है
बेच रहा है हंसी, नाच और थिरकन
मुस्कान बेच कर बाजार मुस्करा रहा है
मुस्कराता हुआ तन और मन बेच रहा है बाजार
खरीदने के लिए…
बाजार खुले को बंद में बेच रहा है
और बंद को खुले में
कम को अधिक में बेच रहा है और अधिक को कम में
बाजार वह सब बेच रहा है
जो बेचा जा सकता है
बाजार से लोग वह सब खरीद रहे हैं
जो बिक सकता है बाजार में…
जो बाजार में नहीं बिक सकता
लेकिन लोग चाहते हैं खरीदना
बाजार वह सब भारी कीमत लेकर
बेचना जानता है परदे के पीछे से…
प्रतिबंधित को बेचने के लिए
अक्सर बाजार रखता है कई मुखौटे
बोलता है कई-कई भाषाओं में
शब्दों के अर्थ बदल देता है
घर में बनवाता है तलघर और
बाजार में रखता है छिपा-बाजार
पूरी सभ्यता और शालीनता के बावजूद
किसी भूमिगत, छिपे रहस्यमय चोर की तरह
बाजार को चोर-बाजार में
और चोर-बाजार को बाजार में
बदलता और बेचता रहता है बाजार…
बाजार उत्सव के लिए बेच रहा है सामान
और सामान बेचने का उत्सव मना रहा है… ०

