शिवानी आर्या
तितली रानी तितली रानी
कितनी प्यारी लगती हो तुम
रंग बिरंगे जब पंख फुलाकर
फूल फूल मंडराती हो तुम
उड़ती जाती जब बागों में
हमको खूब लुभाती हो तुम
पकड़ें जब भी बच्चे तुमको
झट से उड़ जाती हो तुम
जीवन कितना रंग-बिरंगा
सबको यही सिखाती हो तुम
संघर्ष से न घबराना बच्चों
यही गीत गुनगुनाती हो तुम

