दिमागी कसरत
नीचे कुछ पहेलियां और सवाल दिए गए हैं। उन्हें बूझो और बताओ। न समझ आए, तो जरा सिर घुमाओ और नीचे दिए उत्तर देख लो।

(1)
काली है पर काग नहीं,
लंबी है पर नाग नहीं।
बल खाती है ढोर नहीं,
बांधते हैं पर डोर नहीं।
(2)
काला मुंह लाल शरीर,
कागज को वह खाता
रोज शाम को पेट फाड़ कर
कोई उन्हें ले जाता।
(3)
अपनों के ही घर ये जाए,
तीन अक्षर का नाम बताए।
शुरू के दो अति हो जाए,
अंतिम दो से तिथि बताए।

 

1-चोटी, 2- लैटर बॉक्स, 3- अतिथि

 
शब्द-भेद
कुछ शब्द बोलने में एक जैसे जान पड़ते हैं, इसलिए उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।

संवाग / स्वांग/ सर्वांग

घर के मालिक या स्वामी कोे संवाग कहते हैं और जब कोई किसी देवी-देवता या प्रसिद्ध व्यक्ति का भेष धर कर मनोरंजन करता है, उसे स्वांग कहा जाता है। जबकि सर्वांग का अर्थ है शरीर के सारे अंग।

कसीदा / कशीदा
जब किसी की तारीफ में खूब बढ़-चढ़ कर कुछ कहा जाता है, उसकी प्रशंसा में गीत गाया जाता है, उसे कसीदा कहते हैं, जबकि कशीदा कपड़े पर हाथ से की जाने वाली कढ़ाई को कहते हैं। कशीदाकारी इसी से बना है।