आत्माराम भाटी
वर्ष की अंतिम ग्रैंडस्लेम टेनिस प्रतियोगिता अमेरिकी ओपन टेनिस के 136वें संस्करण का समापन हो गया। पुरुष वर्ग में 2004 से 2008 तक लगातार पांच साल तक इस खिताब को जीतने वाले रोजर फेडरर के बाद से अभी तक कोई भी खिलाड़ी इस खिताब को लगातार नहीं जीत पाया। वैसे राफेल नडाल 2010 और 2013 और नोवाक जोकोविच 2011 और 2015 में इस खिताब को जीत चुके हैं, लेकिन वे लगातार अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाए। इस बार भी यही सिलसिला जारी रहा, जब फेडरर की अनुपस्थिति में खिताबी दावेदारों में शामिल पूर्व नंबर वन राफेल नडाल और वर्तमान नंबर दो एंडी मरे उलटफेर का शिकार हो गए और स्विट्जरलैंड के स्टेनिसलास वावरिंका गत विजेता नोवाक जोकोविच को हराकर नए चैंपियन के रूप में सामने आए।
इस बार संभावना थी कि पिछले विजेता सर्बिया के नोवाक जोकोविच इस इतिहास को दोहरा पाएंगे। प्रतियोगिता में किस्मत भी उनका साथ दे रही थी। सेमीफाइनल में प्रवेश तक उनको केवल दो ही मैच खेलने पड़े क्योंकि दूसरे दौर में जिरी वेस्ली, तीसरे दौर में मिखाइल यूझनी और क्वार्टर फाइनल में जो विल्फ्रेड सोंगा चोट के कारण मैदान छोड़ गए। लेकिन खिताबी मुकाबले में वे खुद चोटिल अवस्था में खेले जिससे दुनिया के नंबर तीन रैंक के स्टेनिसलास वावरिंका के सामने वे अपना खिताब बरकरार नहीं रख पाए। महिला वर्ग में भी उलटफेर देखने को मिला जब प्रमुख खिताबी दावेदार इस वर्ष की फ्रेंच ओपन विजेता गरबाइन मुगुरूजा का दूसरे मैच में और सेरेना विलियम्स व कैरोलिना वोजनियाकी का सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया और जर्मनी की एंजेलिक केर्बर के रूप में नई विजेता मिली। इस तरह इस प्रतियोगिता में पुरुष व महिला दोनों वर्गों में नए चैंपियन बने।
पुरुष वर्ग में नोवाक जोकोविच व स्टेनिसलास वावरिंका के बीच खिताबी मुकाबला काफी रोचक रहा। पहला सेट गत विजेता और नंबर वन नोवाक जोकोविच ने जरूर जीता, लेकिन वावरिंका ने इस जीत के लिए नोवाक को काफी संघर्ष करवाया तब वे सेट ट्राइबेकर में 7-6 से जीत पाए। दूसरे सेट में वावरिंका ने वापसी करते हुए जोकोविच को 6-4 से पराजित कर मैच में बराबरी कर ली। तीसरे सेट में फिर से दोनों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। पैर में चोट के कारण मैदान में मेडिकल टाइम आउट ले कर 0-3 से पिछड़ने के बाद भी नोवाक ने 3-3, फिर 5-5 की बराबरी कर मैच को रोमांचक मोड़ पर ला दिया। लेकिन वावरिंका ने तीसरा सेट भी 7-5 से अपने नाम कर दो सेट जीतकर अपनी स्थिति मजबूर कर ली।
चौथे सेट में फिर से नोवाक ने 0-3 से पिछड़ने के बाद 3-3 की बराबरी की। लेकिन पैर में चोट के कारण नोवाक मनोवेज्ञानिक और शारीरिक रूप से मैदान में कमजोर हो गए, जिसके कारण वे अपने खेल का स्तर बरकरार नहीं रख पाए और चौथा सेट भी 6-3 से उनके हाथों से खिताब के साथ जाता रहा। इस तरह वे अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाए। उनका तीसरा अमेरिकन ओपन जीतने के साथ 13वां ग्रैंडस्लेम जीतने का सपना भी टूट गया। चोट के कारण नोवाक रियो ओलंपिक में पहले मैच में ही बाहर हो गए थे।
वावरिंका का यह पहला अमेरिकी ओपन तथा आस्ट्रेलियन ओपन 2014 व फ्रेंच ओपन 2015 के बाद तीसरा ग्रैंडस्लेम खिताब रहा। खिताबी मुकाबले से पूर्व क्वार्टर फाइनल में वावरिंका ने जुआन मार्टिन डेलपोत्रो तथा सेमी फाइनल में छठी वरीयता के जापान के केई निशिकोरी को चार-चार सेट के संघर्षपूर्ण मुकाबले में परास्त कर हमवतन रोजर फेडरर द्वारा 2008 में जीते इस खिताब को आठ साल बाद अपने वतन के नाम किया। पुरुष वर्ग में सबसे बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब 14 बार के ग्रैडस्लेम विजेता और दो बार इस खिताब को अपने नाम कर चुके चौथी वरीयता प्राप्त स्पेन के राफेल नडाल चौथे दौर के मैच में फ्रांस के 22 साल के विश्व में 25वीं वरीयता के युवा खिलाड़ी लुकास पोइली के हाथों पांच सेट तक चले मैच में पहला सेट आसानी से 6-1 से जीतने के बाद भी मैच हार गए। नडाल की इस हार के पीछे उनका चोटिल होना भी कारण रहा। चोट के कारण नडाल को फ्रेंच ओपन में तीसरे राउंड में मैदान छोड़ना पड़ा। विबंलडन में खेले ही नहीं। इस साल किसी भी ग्रैंडस्लेम के क्वार्टर फाइनल भी नहीं पहुंच पाए। हां, ओलंपिक में जरूर युगल में पदक जीतने में कामयाब रहे।
नडाल की तरह ही खिताब के एक और दावेदार दुनिया के नंबर दो और रियो ओलंपिक विजेता एंडी मरे को क्वार्टर फाइनल में जापान के 2014 अमेरिकन ओपन उपविजेता केई निशिकोरी के हाथों पांच सेट में शिकस्त खाकर बाहर होना पड़ा। पांचवीं वरीयता कनाडा के मिलोस राओनिक का सफर दूसरे मैच में ही मेजबान देश के रेयान हैरिस ने खत्म कर दिया। फ्रांस के गाएल मोंफिल्स का सफर जोकोविच ने सेमीफाइनल में खत्म कर दिया। महिला वर्ग में एक बार फिर से खिताब की दावेदार के रूप में छह बार अमेरिकन ओपन जीत चुकी नंबर वन सेरेना विलियम्स का नाम सबसे ऊपर था। सभी को आशा थी कि वह इस खिताब को जीतकर स्टेफी ग्राफ के 22 ग्रैंडस्लेम खिताब के रिकॉर्ड को तोड़ देगी। लेकिन चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिसकोवा ने सेरेना के सपने को सेमीफाइनल में अपनी दमदार सर्विस और बेहतरीन रिटर्न से सीधे सेटों में 6-2, 7-6 से हराकर चकनाचूर कर दिया। यही नहीं, उनको नंबर वन की पदवीं से भी पदच्युत कर दिया। अगर सेरेना खिताब जीत जातीं तो ग्राफ के 186 सप्ताह नंबर वन के रिकॉर्ड को तोड़ देती और रोजर फेडरर के 187 सप्ताह की भी बराबरी कर लेती।
सेरेना विलियम्स की हार के बाद यह निश्चित हो गया कि महिला वर्ग में इस बार कोई नया चैंपियन जर्मनी की एंजेलिक केर्बर और विलियम्स बहनों को हराने वाली चैक गणराज्य की कैरोलिना प्लिसकोवा में से ही होगा। जिस तरह से प्लिसकोवा ने सेमीफाइनल में सेरेना को और केर्बर ने पूर्व नंबर वन कैरोलिना वोजिनयाकी को हरा खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबला रोचक होने की पूरी उम्मीद थी। हुआ भी ऐसा ही जब खिताबी मुकाबले में जर्मनी की 28 साल की केर्बर ने नंबर दस प्लिसकोवा को शानदार मैच में 6-3, 4-6, 6-4 से हराकर पहली बार अमेरिकन ओपन अपने नाम करते हुए जीवन का दूसरा ग्रैंडस्लेम अपने नाम कर लिया। बल्कि सेरेना की हार के बाद नंबर वन पदवीं पर भी आ गई।
स्टेफी ग्राफ को अपना आदर्श मानने वाली केर्बर ने अपना पहला खिताब इस साल आस्ट्रेलियन ओपन सेरेना को हरा जीता था। विबंलडन के फाइनल में भी पहुंची थी लेकिन सेरेना से हार गई। एक साल में तीन ग्रैंडस्लेम फाइनल खेल कर दो खिताब जीत केर्बर ने जता दिया है कि नंबर वन की पदवीं पर उसका आना ऐसे ही संभव नहीं हुआ है। इसके पीछे उसकी मेहनत है। स्टेफी ग्राफ के बाद जर्मनी को अमेरिकन ओपन दिलाने वाली केर्बर पहली महिला खिलाड़ी है। महिला वर्ग में रियो ओलंपिक विजेता मोनिका पुइग पहले मैच में और फ्रेंच ओपन विजेता और नंबर तीन गरबाइन मुगुरूजा दूसरे मैच में उलटफेर की शिकार हो गई।
भारत के लिए अमेरिकी ओपन निराशाजनक रहा। पिछली बार मार्टिना हिंगिस के साथ पेस ने मिश्रित और सानिया ने महिला युगल खिताब जीता था। लेकिन इस बार दोनों ही अपने जोड़ीदारों के साथ शुरुआती मैचों में ही बाहर हो गए। रोहन बोपन्ना भी अपने जोड़ीदार के साथ कुछ खास नहीं कर पाए। एकल मुकाबले में उतरे भारत के साकेत मिनैनी पहले ही मैच में पांच सेट के संघर्षपूर्ण मुकाबले में जिरी वेस्ली से हार गए। कुल मिलाकर इस साल की अंतिम ग्रैंडस्लेम प्रतियोगिता अमेरिकन ओपन एक बार फिर से स्टेनिसलास वावारिंका और एंजेल केर्बर के रूप में नए चैंपियन टेनिस जगत को दे गया। टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी राफेल नडाल, एंडी मरे व नोवाक जोकोविक और सेरेना विलियम्स, कैरोलिना वोजिनयाकी, गरबाइन मुगुरूजा नए खिलाड़ियों के सामने परास्त हो गए।

