कोविड-19 के संकट के बीच पूरी दुनिया में दफ्तरों की कार्यशैली बदल रही है। लोग या तो अपनी सुविधा के लिए घर से काम करने का विकल्प चुन रहे हैं या फिर उन्हें उनके दफ्तर की तरफ से ऐसा करने के लिए कहा जा रहा है। कार्य करने की यह स्थिति कुछ मामले में बेहतर तो है पर इस कारण सेहत की कुछ समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
ये समस्याएं सबसे ज्यादा बैठने-उठने के बगैर समुचित प्रबंध के घर पर लगातार लैपटॉप या डेस्कटॉप पर काम करने के कारण हो रही हैं। कंप्यूटर स्क्रीन या स्मार्टफोन को घंटों देखते रहने के कारण आपकी आंखें प्रभावित हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कंप्यूटर और मोबाइल फोन स्क्रीन से परा-बैंगनी किरण निकलती है, जिससे आंखों का सूखापन और आंखों में जलन जैसी कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसे ‘डिजिटल आई सिंड्रोम’ कहा जाता है।
आंखों पर ज्यादा जोर
यहां जो बात हमें सबसे पहले समझनी होगी वह यह कि कंप्यूटर पर काम करना किताब पढ़ने या टाइपिंग मशीन पर टाइप करने जैसा नहीं है। कंप्यूटर पर लिखी इबारत को पढ़ना कागज पर लिखे को पढ़ने से एकदम अलग किस्म का ‘मैकेनिज्म’ है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंप्यूटर स्क्रीन पर जो भी आकृतियां बन रही हैं, वे बहुत सारे बिंदुओं को मिलाकर बन रही हैं और ये इलेक्ट्रॉनिक बिंदु लगातार हिल रहे होते हैं। लिहाजा कंप्यूटर या किसी भी डिजिटल स्क्रीन पर काम करना आंखों के लिए एक अलग तरह का अभ्यास है और इस अभ्यास के दौरान आंखों की खास देखभाल जरूरी है।
आंखों को आराम
यदि आप कंप्यूटर पर काम करते हैं तो बीच-बीच में आंखों को आराम देते रहना चाहिए। इससे आंखों पर असर कम पड़ता है। इस समस्या से बचने के लिए नियमित अंतराल पर कुछ व्यायाम करना चाहिए। आंखों को आराम देने का एक अच्छा तरीका यह भी है कि करीब दस फीट दूर रखी किसी वस्तु पर कुछ सेकंड के लिए अपना ध्यान केंद्रित करें। यह स्क्रीन से संबंधित आंखों की समस्याओं से छुटकारा पाने में मददगार साबित हो सकता है।
झपकाते रहें पलकें
कंप्यूटर पर लगातार काम करने के दौरान बीच-बीच में अपनी पलकें झपकाते रहना चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो आंखों में शुष्कता आने और धुंधलापन जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं। पलकें झपकाने से आंख की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इसके अलावा ऐसा करने से यह आंखों के चारों ओर नमी देता है, जिससे आंखों को सुकून मिलता है।
आंखों को घुमाते रहें
आंखों को घुमाने से आंखों की मांसपेशियों का जरूरी व्यायाम हो जाता है। इससे आंखों से जुड़ी समस्याएं दूर करने में काफी मदद मिलती है। ऐसा करते हुए जरूरी है कि आप आंखों को कम से कम बीस बार दोनों दिशाओं में घुमाएं। कंप्यूटर पर काम करने के दौरान ऐसा नियमित तौर पर करने से ‘डिजिटल आई सिंड्रोम’ के लक्षण जल्दी ही खत्म हो जाएंगे।
आंखों की मालिश
शरीर के बाकी हिस्सों की तरह आंखों की भी मालिश होती है और यह आंखों की उचित देखभाल के जरूरी भी है। आंखों की मालिश करने के लिए अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें। फिर अपनी दोनों हथेलियों को अपनी आंखों के ऊपर लगभग दस मिनट तक रखें। यदि ऐसा आप कर रहे हैं तो उस समय आपको अपनी आंखें बंद रखनी चाहिए। यह एक आसान विधि है और यह आंखों की थकान कम करता है। कंप्यूटर पर लगातार काम काम करने के बीच यह आराम काफी लाभदायक है।
रोशनी की समुचित व्यवस्था
अगर आप कंप्यूटर पर देर तक या लगातार काम करते हैं तो आपको प्रकाश की समुचित व्यवस्था का ध्यान रखना चाहिए। कम या चमकीली (फ्लोरोसेंट) रोशनी आंखों पर अधिक असर डालती है। इसी तरह अंधेरे में काम करने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। सामान्य रोशनी में काम करना सबसे अच्छा है। इसलिए अपने काम करने के स्थान पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था रखें।
