सभी युवाओं को सीट दे पाने में विफल केंद्र सरकार तकनीक के इस्तेमाल से लोगों को पढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय की ओर से ‘स्वयं’ प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों को इंटरनेट माध्यम से घर बैठे ही पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। यह प्लेटफॉर्म ‘मूक्स’ यानी मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस पर आधारित है। इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 2750 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हो चुके हैं जबकि एक करोड़ से अधिक विद्यार्थी यहां पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटरनेट के अलावा टीवी के माध्यम से भी पढ़ाया जा रहा है। ‘स्वयं प्रभा’ नाम के बत्तीस डीटीएच चैनल अलग-अलग विषयों की पढ़ाई चौबीस घंटे कराते हैं।
विद्यार्थी अपनी सुविधा और समय के अनुसार इंटरनेट या टीवी के माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं। ‘स्वयं’ प्लेटफॉर्म पर चल रहे पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं ऑनलाइन ही आयोजित होती हैं। इसके माध्यम से कक्षा नौ से लेकर स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, यूजीसी की ओर से भी विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन पाठ्यक्रम चलाने की इजाजत दी जा रही है।
जल्द ही विभिन्न विश्वविद्यालय ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू कर देंगे। इससे दूरदराज इलाके में बैठा कोई विद्यार्थी दिल्ली के किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकेगा और उसे दिल्ली आने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की जनसंख्या को देखते हुए सैकड़ों की संख्या में नए विश्वविद्यालय और महाविद्यालय चाहिए। लेकिन अगर हम तकनीक का इस्तेमाल करें तो एक समय में बहुत सारे विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाया जा सकेगा। वर्तमान युग सूचना क्रांति का है और इसका उपयोग हमें शिक्षा के प्रसार में भी करना चाहिए।

