मानस मनोहर
तोरई यखनी
यह तोरई का मौसम है। भोजन में जहां तक हो सके मौसमी फलों और सब्जियों का ही उपयोग करें। इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है और मोटापे आदि की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। तोरई लगभग सभी घरों में बनती है, पर इसे बनाने का हर जगह पारंपरिक तरीका है। कुछ लोग इसे प्याज-टमाटर के साथ बनाते हैं, तो कुछ लोग मूली के साथ। कुछ लोग इसमें भी आलू डाल देते हैं। पर बहुत सारे लोग इसे अकेले बनाते हैं। आप इसे थोड़ा भिन्न तरीके से बनाएं और खाएं।

बाजार में तोरई प्राय: तीन प्रकार की मिलती है- मुलायम छिलके वाली, कड़े छिलके वाली और एक परवल के आकार की छोटी। पर ज्यादातर जगहों पर मुलायम छिलके वाली तोरई ही मिलती है। कुछ इलाकों में इसे नेनुआ भी कहते हैं। तोरई यखनी बनाने के लिए इसी तोरई का इस्तेमाल करें।

यखनी बनाने के लिए नरम तोरई लें और पहले इसके छिलके को चाकू से घिस कर साफ कर लें। छिलका उतारना नहीं है, सिर्फ चाकू से रगड़ कर साफ करना है। फिर अच्छी तरह धो लें। फिर ऊपर और नीचे के कड़े हिस्से को काट कर हटाएं और गोल-गोल आकार में काट लें। टुकड़े ज्यादा मोटे न रखें और न ही ज्यादा पतले, क्योंकि हमें इन्हें तलना है। इसलिए पकौड़े बनाने के लिए जिस तरह लौकी या आलू काटते हैं, वैसे ही गोल आकार में, उतनी ही मोटाई में काट लें।

अब एक कटोरे में मैदा लें। मैदा आप तोरई के अनुपात में लें, ताकि वह सारे टुकड़ों पर चिपक सके। अब उस मैदे में थोड़ा नमक, एक चम्मच कुटी लाल मिर्च और आधा चम्मच धनिया पाउडर डाल कर अच्छी तरह मिला लें। इस मैदे में कटे हुए तोरई के टुकड़ों को लपेट कर अलग रखते जाएं। फिर कड़ाही में पर्याप्त तेल गरम करें और उसमें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मैदा लगे तोरई के टुकड़ों को डाल कर तलें। तलते समय ध्यान रखें कि आंच मध्यम रहे। मैदे का रंग सुनहरा हो जाए तो टुकड़ों को तेल से निकाल कर अलग रख लें। ज्यादा न तलें। इसी तरह सारे टुकड़ों को तल लें।

अब इसकी तरी तैयार करें। यखनी की तरी हमेशा दही से तैयार की जाती है। इसमें प्याज, टमाटर, लहसुन, अदरक का उपयोग नहीं किया जाता। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में दही लें और कपड़े में छान कर पानी निथार लें। फिर उस दही को फेंट कर एकसार कर लें, ताकि कोई गांठ न रहे। इसका बेहतर तरीका यह भी है कि दही को दबा कर मोटी छन्नी में छान लें। इस तरह गांठें खत्म हो जाती हैं।

यखनी में डालने के लिए सौंफ का पाउडर अनिवार्य मसाला है, इसलिए दो चम्मच सौंफ को पीस कर रख लें। इसके साथ ही एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच धनिया पाउडर और एक चम्मच जीरा पाउडर या सब्जी मसाला ले लें। इन सारी चीजों को दही में डाल कर अच्छी तरह मिलाएं और थोड़ी देर के लिए रख दें। इसके तड़के के लिए एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, एक से दो हरी इलायची और एक चम्मच अजवाइन की जरूरत पड़ेगी। तोरई में अजवाइन का तड़का अच्छा लगता है।

कड़ाही में दो चम्मच घी गरम करें। उसमें पहले दालचीनी और इलाइची डालें और फिर अजवाइन डाल कर तड़कने दें। फिर फेंटा हुआ दही डाल कर चलाते रहें। जब इसमें उबाल आने लगे, तो तले हुए तोरई के टुकड़े डालें और अच्छी तरह मिला लें। जरूरत भर का नमक डालें और कड़ाही पर ढक्कन लगा कर पांच मिनट के लिए पकने दें। फिर ढक्कन खोलें और सावधानी से चलाते हुए देखें कि तरी गाढ़ी हो गई है या नहीं। तरी गाढ़ी हो गई है, तो आंच बंद कर दें। तोरई यखनी तैयार है। इसे रोटी या परांठे से खाएं। इसी तरह लौकी की यखनी भी बना सकते हैं।

चटपटा पापड़ कोन
इन दिनों बाजार बंद हैं और बाहर का खाना-पीना मिलना बंद है। ऐसे में बच्चों का मनपसंद भोजन देना खासा मुश्किल काम हो गया है। पर उसकी भी चिंता नहीं। उनके लिए भी नए-नए प्रयोग करते हुए नाश्ता, खाना तैयार कर सकते हैं। उन्हें चटपटा पापड़ कोन बना कर खिलाएं, खुश हो जाएंगे।

सफेद चना और राजमा बराबर मात्रा में लेकर रात भर भिगो दें और सुबह कुकर में डाल कर तीन-चार सीटी आने तक उबाल लें। इसका पानी निथार लें। इसके साथ ही कुछ आलू भी उबाल लें। उबले हुए आलू तो हमेशा घर में रखें, इससे बच्चों को कई चीजें बना कर खिलाई जा सकती हैं। जब भी पापड़ कोन बनाना हो, उबले राजमा और चने के साथ उबले आलू के छोटे टुकड़े करके मिलाएं।

उसी में एक खीरा या ककड़ी और कुछ धनिया पत्ता भी बारीक काट कर डाल दें। उसमें टमाटर सॉस या इमली की चटनी डालें और जरूरत भर का नमक, एक चम्मच चाट मसाला, एक चम्मच धनिया पाउडर और अगर बच्चे पसंद करते हों, तो आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर डाल कर मिला लें। इसके अलावा उड़द या मूंग के मध्यम आकार के पापड़ लें।

तवा गरम करें। उस पर एक एक कर पापड़ डालें और दो चम्मचों की मदद से दबा कर सेंकते हुए कोन का आकार दें। जैसे आइसक्रीम का कोन होता है, उसी तरह बना लें। जितनी जरूरत हो, उतने कोन बनाएं। उसी कोन में राजमा-चने का तैयार चाट भरें और बच्चों को खाने के लिए दें।