मानस मनोहर
दाल शाही
बड़े होटलों में जो दाल मखनी पकती है या जो नामी खानसामे हैं, वे दाल मखनी को पकाने में कम से कम बारह से पंद्रह घंटे का समय लगाते हैं। कहा जाता है कि इसे चौबीस घंटे तक पकाया जाए, तब जाकर सही स्वाद आता है। मगर आम घरों में किसके पास इतना वक्त है, जो सिर्फ दाल पकाने में लगाया जाए। सो, घर में कम समय में वैसा ही स्वाद देने वाली दाल है- दाल शाही।
दाल मखनी और दाल बुखारा मुख्य रूप से साबुत उड़द दाल से बनती है। मगर उड़द की दाल सबके लिए सही नहीं होती। उसे पचाना सबके वश की बात नहीं। आयुर्वेद में बताया गया है कि उड़द दाल से वायु विकार होता है।
फिर दूध-दही के साथ उड़द दाल का मेल सही नहीं माना जाता, जबकि दाल मखनी में इनका प्रयोग अवश्य होता है। ऐसे में दाल शाही सबकी सेहत के लिए मुफीद है, क्योंकि यह साबुत मूंग से बनती है। सो, आज बनाते हैं दाल शाही। पर दाल को बनाने में भी थोड़ी मशक्कत तो करनी ही पड़ेगी।
इस दाल को आप चाहें तो अपना भी कोई नाम दे सकते हैं। दाल शाही बनाने के लिए एक कप साबुत मूंग को अच्छी तरह धोकर रात भर के लिए या फिर कम से कम चार-पांच घंटों के लिए भिगो दें। फिर जब सुबह इसे पकाना हो तो उससे दो घंटे पहले दो-तीन चम्मच अरहर और इतनी ही मात्रा में धुली मूंग की दाल भिगो दें।
जब ये दोनों दालें अच्छी तरह फूल जाएं तो पानी निथार कर एक कुकर में डालें। चौथाई चम्मच हल्दी और आधा चम्मच नमक डाल कर ऊपर से आधा गिलास पानी डालें और तीन सीटी आने तक पकने दें।
ध्यान रखें कि इन दालों को अच्छी तरह गल जाना चाहिए, इसलिए कुकर की सीटी अधिक भी आने दे सकते हैं। जब यह दाल पक जाए, तो अलग कटोरे में निकाल कर गरम रहते ही अच्छी तरह मसल लें ताकि दाल का एक भी दाना दिखाई न दे।
अब उसी कुकर में रात भर भिगोई साबुत मूंग डालें। ऊपर से चौथाई चम्मच हल्दी और आधा चम्मच नमक तथा आधा गिलास पानी डाल कर उबलने के लिए रख दें। एक या दो सीटी आने के बाद बंद कर दें। ध्यान रखें कि इस दाल को गलाना नहीं है, बस नरम हो जाए और छिलके समेत सारे दाने दिखते रहें, इसलिए सीटी का ध्यान रखें।
भाप खत्म हो जाए तो कुकर खोलें और उसमें घुटी हुई अरहर-मूंग दाल डालें और अच्छी तरह मिला दें। कुकर का ढक्कन खुला रख कर मध्यम आंच पर इन दालों को चलाते हुए चार से पांच मिनट के लिए पकाएं और जब दालें अच्छी तरह आपस में मिल जाएं तो आंच बंद कर दें।
अब इस दाल में डालने के लिए मसाला तैयार करें। सबसे पहले तो दो मध्यम आकार के प्याज लंबे और पतले आकार में काट लें। फिर एक कड़ाही में पकौड़े तलने जैसा भरपूर तेल गरम करें। तेल गरम हो जाए तो उसमें प्याज के लच्छे डालें और चलाते हुए सेंकें। जैसे-जैसे प्याज का रंग बदलता जाए, वैसे-वैसे आंच धीमी करते जाएं।
जब प्याज का रंग बादामी हो जाए तो उसे तेल से निकाल कर ठंडा होने के लिए रख दें। ध्यान रखें कि प्याज जलने न पाए, नहीं तो स्वाद बिगाड़ेगा। इस तले हुए प्याज को बरिस्ता कहते हैं। बरिस्ता आप दाल उबालते वक्त भी तैयार कर सकते हैं।
फिर अगली कड़ी शुरू करें। इसके लिए दो टमाटर पीस कर ग्रेवी तैयार कर लें। आधा कटोरी दही को अच्छी तरह फेंट कर रख लें। अगर फ्रेश क्रीम है तो ठीक, नहीं तो चार-पांच चम्मच दूध की मलाई को फेंट कर क्रीम तैयार कर लें। फिर एक कड़ाही में तीन-चार चम्मच देसी घी गरम करें।
उसमें जीरा, दो-तीन लौंग, दो-तीन हरी इलाइची, छोटा टुकड़ा दालचीनी, एक तेजपत्ता का तड़का लगाएं। तड़का तैयार हो जाए तो उसमें पिसा टमाटर डालें और ऊपर से आधा चम्मच हल्दी पाउडर, एक से डेढ़ चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च और दो चम्मच धनिया पाउडर डाल कर मध्यम आंच पर चलाते हुए पकाएं।
जब टमाटर तेल छोड़ने लगे, तो उसमें फेंटा हुआ दही डाल कर चलाते हुए तेल छोड़ने तक पकाएं। अब इसमें दाल डालें और थोड़ा-सा पानी डाल कर अच्छी तरह चलाते हुए पकाएं। जब दाल में उबाल आने लगे, तो क्रीम डालें और चलाते हुए पकाएं। पांच-सात मिनट पकाने के बाद देखें कि दालें अच्छी तरह गाढ़ी हो गई हैं, तो आंच बंद कर दें।
अब इसमें तड़का लगाएं। यह तड़का मक्खन में लगता है। तड़का पैन में दो-तीन चम्मच या अपनी इच्छा के मुताबिक मक्खन डालें। आंच धीमी रखें। मक्खन पिघलने लगे तो उसमें दो चम्मच कसूरी मेथी मसल कर डालें और मक्खन पूरी तरह पिघल जाए, तो उसे दाल में डालें। ध्यान रखें कि यह तड़का जलने न पाए। अब जो बरिस्ता तैयार किया था उसे हथेलियों से मसलते हुए इस दाल में डालें और सारी चीजों को एक बार मिला लें। ऊपर से धनिया पत्ता डालें और परोसें।
झाल-मुढ़ी
झाल-मुढ़ी पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, बंगाल, ओड़ीशा तक खूब चाव से खाई जाती है। दिल्ली में भी राह चलते इसे बेचने वाले मिल जाते हैं। इसे बनाना बहुत आसान है। इसके लिए मुढ़ी यानी मुरमुरे चाहिए। वह अपनी जरूरत के मुताबिक ले लें। फिर एक बड़े आकार का प्याज, तीन-चार तीखी हरी मिर्च, थोड़ा धनिया पत्ता बारीक-बारीक काटें।
फिर इसमें चार चम्मच इमली की चटनी, एक चम्मच चाट मसाला, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च, एक चम्मच सरसों का कच्चा तेल डालें और सारी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। फिर मुरमुरे डालें और सारी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। प्लेट में या कागज का कोन बना कर भरें और ऊपर से बेसन का बारीक वाला सेव डाल कर खाने को दें। यह बच्चों को खासकर बहुत पसंद आता है।
