देश में कोरोना संकट के बीच हल्की गरमी पड़ने लगी है। कोरोना विषाणु के खतरे को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने लोगों से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पूरे दिन गरम पानी पीने, आधा घंटा योगासन, प्राणायाम व ध्यान के साथ आयुर्वेदिक चाय या काढ़ा पीने और दिन में एक-दो बार हल्दी पाउडर डालकर गरम दूध पीने की सलाह दी है।
जल ही चिकित्सा
जल को जीवन कहा गया है। हमारे शरीर में 75 फीसद से ज्यादा जल ही है। इसलिए चाहे योग हो या प्राकृतिक चिकित्सा या फिर आयुर्वेद, सभी में जल चिकित्सा का बहुत महत्व है। अगर हम पानी सही मात्रा में नहीं पीते तो खून गाढ़ा हो जाता है और खून में कई तरह के विकार आ जाते हैं। जैसे कि ब्लड यूरिया बढ़ना, यूरिक एसिड बढ़ना आदि। खून के गाढ़ा होने से ह्रदय रोग, पाचन तंत्र का सही तरीके से काम नहीं करने के साथ कई तरह की पेशाब (यूरिन इंफेक्शन) संबंधी समस्याएं भी हो जाती हैं। इसलिए पानी पीना हर दृष्टि से अच्छा है।
योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राजेश बत्रा का कहना है कि हम सभी को जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता है। जल ही चिकित्सा है। इस मौसम में या किसी भी मौसम में अगर हम पानी की सही मात्रा का सेवन नहीं करते हैं, तो अनेक रोगों के शिकार हो सकते हैं। यही नहीं, जल की ठीक-ठीक मात्रा का सेवन कर बहुत सारे रोगों का उपचार भी किया जा सकता है। कोरोना विषाणु से बचाव में भी जल चिकित्सा मददगार हो सकता है। कुंजल क्रिया इसके लिए सबसे अच्छा उदाहरण है।
सुबह की शुरुआत गरम पानी से
जहां तक पानी पीने का सवाल है, तो हम पानी का सेवन कई तरह से कर सकते हैं। सुबह उठ कर खाली पेट दो से तीन-चार गिलास पानी पिएं। फ्रिज का पानी न पिएं। इस मौसम में हल्का गुनगुना पानी पिया जा सकता है। यह काम दिनभर भी किया जा सकता है, यानी जब भी पानी पीने का मन करे तो मामूली गुनगुना पानी पिएं। दोपहर में खाना खाते समय या खाने के बाद बहुत कम पानी पिएं। खाना खाने के लगभग एक घंटे के बाद ही पानी पिएं। अगर गुनगुना पानी पीते हैं तो इससे बेहतर कुछ भी नहीं। गुनगुना पानी पीने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है। पेट साफ रहता है और गैस की समस्या भी नहीं होती है। इस मौसम में नारियल पानी भी पी सकते हैं।
ज्यादा गरम पानी न पिएं
तापमान बढ़ रहा तो जाहिर है कि प्यास भी खूब लग रही है। इसलिए पूरा दिन पानी पीते रहें। इससे शरीर की शुद्धि होगी और शरीर के अंदर विषैले तत्वों का निर्माण नहीं हो सकेगा। ध्यान रहे कि गुनगुना पानी ही पिएं, ज्यादा गरम पानी पीने से बचें। डॉ. राजेश बत्रा कहते हैं कि अभी ज्यादा गरमी नहीं पड़ रही है तो ऐसे में हल्का गुनगुना पानी पिया जा सकता है। केवल कोरोना विषाणु से लड़ने के लिए ही नहीं बल्कि गुनगुना पानी हर मौसम में स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। गुनगुना पानी पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
गरम पानी का गरारा
कोरोना एक विषाणु जनित रोग है जो नाक और गले के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। इससे बचाव के लिए गुनगुने पानी में थोड़ा हल्दी और नमक डालकर गरारा किया जा सकता है। यह गरारा सुबह खाली पेट किया जा सकता है। किसी कारणवश सुबह में यह गरारा नहीं कर पाएं तो इसे दिन में किसी भी वक्त कर सकते हैं। कोरोना विषाणु के संक्रमण से बचने के लिए दिन में एक से दो बार गरारा किया जा सकता है।
दस गिलास पानी
डॉ. राजेश बत्रा का कहना है कि दिनभर में दस से बारह गिलास पानी पीना चाहिए। यह जरूरी नहीं है कि आप जितनी बार पानी पिएं वह गुनगुना ही हो, लेकिन सुबह खाली पेट जो पानी पीते हैं वह गुनगुना ही होना चाहिए, इससे आंतरिक शुद्धि होती है। दिन में दो से तीन बार गुनगुना पानी पीना भी लाभदायक है।
शीतल पेय से बचें
शीतल पेय और आइसक्रीम हमारी जठराग्नि को मंद करने के साथ पाचन क्रिया को कमजोर कर देती है। इसलिए इनके सेवन से बचें।
दही और छाछ
इस मौसम में दही और छाछ लेना अच्छा है। इनका सेवन सुबह से दोपहर तक ही किया जाना चाहिए। छाछ में भूना जीरा, काला नमक और अजवाइन डालकर पी सकते हैं। इससे पाचन क्रिया दुरुस्त होगी।
घरेलू उपाय
’प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पुदीना-पानी या तुलसी-पानी भी पिया जा सकता है। इसके लिए गुनगुने पानी में दो से तीन बूंद तुलसी का अर्क मिलाएं या फिर गरम होते पानी में तुलसी के कुछ पत्तों को कूच कर डालें। इसी तरह पुदीने का पानी भी तैयार करें। पेट में गरमी है तो पुदीने का पानी सेवन करें।
’अगर आपको खांसी, सर्दी, जुकाम या बलगम है तो पानी का भाप लें। यह अचूक इलाज है, जो किसी भी दवा से ज्यादा असरदार है। भाप से नाक, कान, गला के अंदर मौजूद विषाणु व संक्रमण साफ हो जाता है, जिससे छाती से बलगम निकल जाता है और सांस की नली खुल जाती है।

