बात करें
आओ हम मिलजुल कर सारे एक नई शुरुआत करें
प्रेम से देखें इक दूजे को मुस्करा कर बात करें
भेदभाव और जाति-पांति के दानव पर आघात करें
मेलजोल से रिश्ते जोड़ें प्रेम भरी बरसात करें
दुख में सबका साथ निभाएं खुशियों की सौगात करें
उत्सव में हम धूम मचाएं जलसों की बारात करें
बुझे दिलों में दीप जलाएं रोशन सब जज्बात करें
खोजें चंदा अंधियारे में पूनम की फिर रात करें
फूल खिलाना
एक एक मिल ग्यारह कर लें खुशियों से हम झोली भर लें
नेह-प्यार के भाव जगाएं मुट्ठी में जग सारा कर लें
अहं ईर्ष्या दूर भगा दें कड़वाहट के बोल भुला दें
प्यार मोहब्बत सजे दिलों में ऐसी कोई रीति चला दें
दौलत का अभिमान करें न ऊंच-नीच की बातें छोड़ें
मंदिर मस्जिद गिरजाघर में इंसां को इंसां से जोड़ें
दिखे अगर जो कोई रोता वापस उसको खुशिया ला दें
जादू की इक झप्पी ले लें मन की पीड़ा दूर भगा दें
जीवन है अनमोल रे साथी हाथ पकड़ आगे बढ़ जाना
बैर भाव के झाड़ काट कर प्रेम के सुंदर फूल खिलाना

